दिल्ली पर मंडराया बाढ़ का खतरा, निचले इलाकों में यमुना के करीब न जाने का अलर्ट

विमल कौशिक, न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (18 अगस्त): राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली पर बाढ़ का खतरा गहरा गया है। यमुना नदी का जल स्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच चुका था कि हथिनी कुंड बैराज से 6 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने से स्थिति और विकट हो गई है। सतर्क प्रशासन ने निचले इलाकों में यमुना नदी के करीब न जाने के लिए अलर्ट जारी किया है। वहीं पूर्वी दिल्ली के जिलाधिकारी ने हालात की समीक्षा और तैयारियों के संबंध में आपातकालीन बैठक की है। दिल्ली के रेस्क्यू बोट क्लब ने यमुना नदी के घाट पर बचाव कार्य और निगरानी के लिए बोटों की संख्या बढ़ा दी है। 

हथनीकुंड बैराज से रविवार शाम करीब साढ़े 7 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया जिसके बाद राजधानी दिल्ली में भी बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। अभी फिलहाल दिल्ली में यमुना का जलस्तर 203 मीटर से ऊपर है। लेकिन अब जितनी बड़ी मात्रा में हथनीकुंड से पानी छोड़ा गया है उससे ये अनुमान है कि 20 तारीख की देर रात से ये पानी दिल्ली पहुचने लगेगा और 21 तारीख की सुबह यमुना खतरे के निशान के स्तर को पार कर देगी। 

दिल्ली में यमुना का खतरे का लेवल 205.8 मीटर है। लेकिन अनुमान है कि जब ये करीब 8 लाख क्यूसेक पानी दिल्ली पहुचेगा तो यमुना का स्तर 207 मीटर तक पहुच जाएगा। जिसके बाद बाढ़ नियंत्रण विभाग जरूरी कदम उठाने में जुट गया है। निकले इलाको और यमुना खादर में रहने वाले लोगों को सचेत रहने और समय रहते उचित स्थान पर पहुचने के प्रयास शुरू किए जा चुके है। हिमाचल, पंजाब में लगातार बारिश का सिलसिला जारी है जिसके चलते वहां की भी सभी नदिया खतरे के निशान को पार कर चुकी है।

वही दूसरी तरफ हथनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने का सिलसिला भी जारी है। ऐसे में दिल्ली में भी बाढ़ की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल दिल्ली के मौसम में थोड़ी राहत है पिछले 24 घंटो से बरसात नहीं हुई है। लेकिन पड़ोसी राज्यों में चल रही लगातार मूसलाधार बरसात दिल्ली के लिए भी खतरे की घंटी है। जाहिर तौर पर दिल्ली के लिए अगले 48 घंटे मुश्किल भरे रह सकते है।