दिल्ली का एक गांव...जहां सीसीटीवी में लोग लेते हैं सांसें

सुमित चौहान, नई दिल्ली (16 फरवरी): एक ऐसा भी गांव है, जहां पर जीने के लिए सीसीटीवी सबसे जरुरी चीजों में से एक है। गांव का चप्पा-चप्पा सीसीटीवी कैमरों की जद में है। इस गांव में अब तक कई गैंगवार देखे हैं। 

सड़कों पर धड़ाधड़ गोलियां चलने लगती है। अब तक करीब 100 लोगों की मौत आपसी मुठभेड़ में हो चुकी है। गैंगवार का ऐसा खौफ है कि इस गांव में सीसीटीवी लगाना बेहद जरूरी है। 

देश की राजधानी दिल्ली के नजफगढ इलाके के इस गांव का नाम दिचाउं कला हैं। महज एक हजार की आबादी वाला यह गांव नामी कंपनियों के सीसीटीवी कैमरों से लैस है, जो गांववालों को महफूज का होने का अहसास दिलाता है। अब बात उस खौफ की, जिसने इस गांव का अमन-चैन छिन लिया है। 

दिचाउं कला के सीसीटीवी वाला गांव बनने की कहानी साल 1994 से शुरू होती है। जब दो परिवारों के बीच खूनी दुश्मनी की बुनियाद पड़ी थी। उदयवीर काला और कृष्ण पहलवान के परिवारों के इस दुश्मनी की वजह गांव में कई बार गैंगवार हो चुका है।

अब तक करीब 100 लोगों की जानें जा चुकी है। बीते साल कृष्ण पहलवान के भाई और नजफगढ़ के पूर्व विधायक भरत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

गांव वालों को हर वक्त ये डर लगा रहता है कि पता नहीं किस वक्त गांव में गोलीबारी शुरू हो जाए। लोगों का कहना है कि दिल्ली के बाहर जिन खतरनाक गैंग्स का बोलबाला है उनमें से एक इस गांव में ही रहता है।

देखिए न्यूज़24 की रिपोर्ट...

[embed]https://www.youtube.com/watch?v=bBqysU8m9kE[/embed]