गणतंत्र दिवस के लिए दिल्ली में सुरक्षा के सख्त प्रबंध

नई दिल्ली (25 जनवरी) :  गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सुरक्षा किले में तब्दील कर दी गई है। पठानकोट वायुसेना अड्डे पर आतंकवादी हमले और आतंकवादी संगठन आईएस के संदिग्ध समर्थकों की देश के कई शहरों में हुई धरपकड़ को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं।

राजधानी दिल्ली में 1000 निशानेबाजों के साथ ही 49 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही प्रमुख स्थलों पर 15 हजार सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इस बार फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि हैं। राजपथ इलाके के दो किलोमीटर दायरे में किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के निशानेबाज ऊंची इमारतों पर तैनात रहेंगे। राजपथ पर होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह में फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहेंगे। पुलिस ने कहा कि गणतंत्र दिवस समारोह के मद्देनजर 49 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है, जिसमें 15 हजार अर्धसैनिक बल, 34 हजार दिल्ली पुलिस के जवान दिल्ली की सड़कों पर 26 जनवरी को सुबह पांच बजे से तैनात रहेंगे।सूत्रों ने कहा कि मध्य, उत्तरी और नई दिल्ली जिले में 20 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात रहेंगे। फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के दिल्ली आगमन के मद्देनजर करीब 20 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती रविवार से ही कर दी गई है। ओलांद रविवार से भारत के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। करीब 15 हजार सीसीटीवी कैमरे परेड स्थल पर स्थापित किए गए हैं। रायसीना हिल के विजय चौक से लेकर लालकिले तक यह व्यवस्था की गई है। इस मार्ग में राजपथ, इंडिया गेट, तिलक मार्ग, बहादुरशाह जफर मार्ग और नेताजी सुभाष मार्ग शामिल होंगे। शहर के 300 किलोमीटर दायरे को नो फ्लाई जोन घोषित किया जाएगा। शहर के आसमान की विशेष राडार से निगरानी की जाएगी। ओलांद, मुखर्जी और मोदी को सात स्तरीय सुरक्षा घेरा प्रदान किया जाएगा, ताकि परिंदा भी पर नहीं मार सके।