बारिश में ही क्यों रुक जाती है देश की राजधानी?

नई दिल्ली (16 जुलाई): पहली बारिश दिल्लीवालों के लिए राहत कम मुसीबत लेकर ज्यादा आई। कुछ ही घंटों की तेज बारिश में दिल्ली की रफ्तार पर ब्रेक लग गई। दिल्लीवाले घंटों जाम में फंसे रहे और ट्रांसपोर्ट ठप नजर आया। हर साल की तरह इस साल भी बारिश लोगों को रुला रही है। ये हाल तब है जब पहले ही 157 खराब सड़कों की निशानदेही की जा चुकी थी, लेकिन दिल्ली सरकार और एमसीडी के आरोप प्रत्योरोपों के बीच सड़क को दुरुस्त करने का काम सुस्त पड़ा रहा।

एम्स, सफदरजंग, इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट, आईटीओ और कश्मीरी गेट पर बारिश ने रोक दी दिल्ली की रफ्तार। ये शनिवार का दिन था, जब दिल्ली में लोग कम थे। अंदाजा लगाईए ये छुट्टी का दिन नहीं होता तब राजधानी का क्या होता? कुछ ही घंटों की बारिश में ट्रांसपोर्ट सिस्टम ठप नजर आया। सड़कों में भरे पानी में बसें फंसी रहीं तो जाम ने घर से निकले लोगों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया।

दिल्ली की सबसे ज्यादा सड़कों को दुरुस्त की जिम्मेदारी दिल्ली सरकार के अंतर्गत आने वाली पीडब्लूडी के पास है। इसके अलावा नालों की सफाई और साउथ दिल्ली की सड़कों की सही करने की जिम्मेदारी एमसीडी पास है। इस बार ट्रैफिक पुलिस ने मानसून से पहले ही 157 सड़कों को चिन्हित किया था, जिसपर पानी भरने का सबसे ज्यादा अंदेशा था। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने दिल्ली सरकार, एमसीडी, पीडब्लूडी और एनडीएमसी को सड़कों के सही कराने को कहा था, लेकिन क्या हुआ वो सबके सामने है।