फिर सांस नहीं लेने देगा दिल्ली का प्रदूषण, पहुंचा खतरनाक स्तर

नई दिल्ली ( 25 दिसंबर ): दिल्ली का प्रदूषण एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि कोहरा बढ़ने की वजह से शनिवार को वातावरण में स्मॉग जैसी स्थिति दर्ज हुई। इससे हवा में मौजूद प्रदूषित कणों का स्तर बेहद जानलेवा स्तर पर रिकॉर्ड हुआ है। मौसम वैज्ञानिकों ने कहा कि पल्यूशन के बढ़ने का सबसे बड़ी वजह है वातावरण में नमी की मात्रा का ज्यादा बढ़ना। कम रफ्तार से हवा चलने और इनमें मौजूद प्रदूषित कणों के नमी के साथ मिलने से स्मॉग जैसी स्थिति दर्ज हुई है। इससे पल्यूशन का ऐवरेज लेवल नॉर्मल से पांच गुना ज्यादा दर्ज हुआ है।

मिनिस्ट्री ऑफ अर्थ सायंसेज के प्रॉजेक्ट सफर में पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे प्रदूषित कणों का ऐवरेज लेवल नॉर्मल से कई गुना ज्यादा दर्ज हुआ। शनिवार को पीएम 2.5 का ऐवरेज लेवल 337 माइक्रो ग्राम क्यूबिक मीटर (एमजीसीएम) दर्ज हुआ। पीएम 2.5 का नॉर्मल लेवल 60 एमजीसीएम होता है। यह नॉर्मल से पांच गुना ज्यादा दर्ज हुआ। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक दिसंबर में पीएम 2.5 का स्तर इस सीजन में शनिवार को सबसे ज्यादा दर्ज हुआ है। पीएम 2.5 का स्तर 223 एमजीसीएम से ऊपर जाते ही यह बेहद खतरनाक कैटेगरी में चला जाता है। रविवार को भी पीएम 2.5 का लेवल खतरनाक कैटिगरी पर रहने के चांस हैं। प्रॉजेक्ट सफर के मुताबिक संडे के दिन पीएम 2.5 का लेवल 344 एमजीसीएम तक जा सकता है। वहीं सोमवार को पीएम 2.5 का स्तर 241 एमजीसीएम तक रहने की संभावना है।

शनिवार को पीएम 10 प्रदूषित कणों का ऐवरेज लेवल 522 एमजीसीएम दर्ज हुआ। यह नॉर्मल से पांच गुना ज्यादा रहा। इसका नॉर्मल लेवल 100 एमजीसीएम होता है। प्रॉजेक्ट सफर के मुताबिक पीएम 10 का स्तर रविवार को 539 एमजीसीएम तक जाने की संभावना है। यह सोमवार को 422 एमजीसीएम तक रह सकता है। मौसम वैज्ञानिकों ने कहा कि पल्यूशन के बेहद खतरनाक कैटिगरी में जाने से सांस से जुड़ी बीमारी के लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। प्रदूषित कण शरीर में दाखिल हो जाते हैं। यह कण लोगों के लिए जानलेवा होते हैं। साथ ही मौसम के चेंज होने की वजह से पल्यूशन पर असर पड़ा है।