दिल्ली की रामलीलाओं में होगा इस्लामाबाद दहन!

नई दिल्ली(3 अक्टूबर): उरी में हुए आतंकी हमले के बाद इस बार दिल्ली की रामलीला कमिटियों ने आतंकवाद को आड़े हाथों लिया है। ज्यादातर रामलीला कमिटियां भारत में हिंदू-मुस्लिम एकता और पाकिस्तान के नापाक इरादों पर करारा जवाब देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। 

- कई रामलीला कमिटियों ने रावण के साथ-साथ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का पुतला दहन करने की भी योजना बनाई है। वहीं, कुछ जगहों पर रामलीला के साथ भारतीय सेना पर बनी डॉक्युमेंट्री दिखाने फैसला किया है।

- कड़कड़डूमा के सीबीडी ग्राउंड में आयोजित रामलीला में सबसे खास प्लानिंग की गई है। कड़कड़डूमा की श्री बालाजी रामलीला कमिटी के प्रधान भगवत रस्तोगी ने बताया कि पाकिस्तान को करारा संदेश देने के लिए इस बार की रामलीला में ताड़का वध के बाद इस्लामाबाद दहन कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस खास प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य हिंदू-मुस्लिम एकता बढ़ाना है। इस कार्यक्रम में साथ देने के लिए 5 मस्जिदों के इमाम-मौलवी और मुस्लिम समुदाय के लोग भी शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि मौलवियों और इमामों को इस मिशन में जुड़ने का जब संदेश दिया गया तो वह सहर्ष तैयार हो गए। इस दहन में भारतीय सेना के जांबाज जवान भी शामिल होंगे। 

- द्वारका की रामलीला कमिटी के उपाध्यक्ष कुलदीप डबास ने बताया कि लंका दहन वाले दिन के लिए विशेषतौर पर एक झांकी बनाई गई है। इस झांकी में भारतीय सेना को श्रीराम के रोल में दिखाया गया है। झांकी में दिखाया जाएगा कि श्रीराम के रूप में भारतीय सेना पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर पर हमला करके उन्हें करारा सबक सिखा रही है। रामलीला कमिटी के मुख्य संरक्षक राजेश गहलोत ने बताया कि द्वारका में कैंट एरिया के पास भारी संख्या में रिटायर्ड आर्मी, एयरफोर्स और नेवल अधिकारी रहते हैं। इन सभी लोगों को यहां पर विशेषतौर पर आमंत्रित किया गया है और इन सभी को देश की सेवा करने के लिए सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में कारगिल शहीदों के परिवारों को भी सम्मानित किया जाएगा।