दिल्ली: सेना में भर्ती के नाम हो रही थी ठगी, क्राइम ब्रांच ने धर दबोचा

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पवन मिश्रा, न्यूज़ 24 (15 अप्रैल):  देश की राजधानी दिल्ली में सेना में भर्ती के नाम पर बड़े पैमाने पर ठगी की जा रही थी। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने सेना में भर्ती कराने के नाम पर लोगों को जाल में फंसाने ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस संबंध में पुलिस ने दिल्ली के महिपालपुर इलाके में रविवार देर रात को गिरफ्तारी की है। दिल्ली पुलिस के क्राइम ब्रांच के मुताबिक पकड़े आरोपियों पर दिल्ली, हरियाणा व उत्तर प्रदेश के लगभग 100 से ज्यादा लोगो को भर्ती के नाम पर फंसाकर उनसे जालसाजी करने का आरोप है।

पुलिस अब इनसे पूछताछ कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन लोगों ने आखिरकार कितने लोगों को चूना लगाया है और कब से ठगी के इस धंधे में सक्रिय थे। गिरफ़्तार आरोपियों में आंध्र प्रदेश निवासी कल्लीपल्ली और कोटापल्ली वेंकटा रमन राव और हरियाणा निवासी बालकिशन शामिल हैं। इनके पास से पुलिस ने कई फर्जी एडमिट कार्ड, कई फार्म, कई फोटोग्राफ और विभाग के फर्जी स्टॉंम्प पेपर बरामद हुए हैं। इसमें से कल्लीपल्ली और कोपल्ली फर्जी दस्तावेज बनाने से लेकर अपने नेटवर्क के जरिये फर्जी मेडिकल कराने से लेकर फिजिकल टेस्ट कराने का नाम करते थे। वहीं बालकिशन सेना में भर्ती की इच्छा रखने वाले नौजवानों को फांसने का नाम करता था।


क्राइम ब्रांच के मुताबिक यह गिरोह दिल्ली व हरियाणा में नौजवानों को बुलाकर नौकरी लगाने के बदले में 1 से 1.50 लाख रुपये की डील करते थे। इसके लिए एडवांस में आधी रकम लेते थे और जाल में फंसे नौजवानों को भूवनेश्वर अपने किसी नेटवर्क से जुड़े शख्स के पास मेडिकल कराने व फिजिकल टेस्ट कराने का झांसा देते थे। वह शख्स भूवनेश्वर पहुंचने वाले नौजवानों का फर्जी फिजिकल और मेडिकल टेस्ट करा भी देता था।


पुलिस के पास पहुंचे पीड़ितों के मुताबिक कुछ से रकम लेने के बाद आरोपियों ने उनका मोबाइल उठाना बंद कर दिया था। इतना ही नहीं कुछ दिनों के बाद इनलोगों ने अपना नंबर ही बंद कर दूसरा नंबर ले लिया और नए नंबर से नए लोगों को अपनी जाल में फंसाकर उन्हें शिकार बनाने लगे थे। पुलिस का कहना है कि ठगी के शिकार हुए लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया है। पीड़ितों से मिलने वाली शिकायत के आधार पर ही यह पता चल पाएगा कि इन्होंने कितने लोगों को शिकार बनाया है। हालांकि अनुमान के मुताबिक अबतक तीन दर्जन लोगों को ये अपनी जाल में फंसा चुके थे। बहरहाल जांच जारी है।