दिल्ली पुलिस ने लिखी केजरीवाल को चिट्ठी, जजों के फोन टेप करने के मांगे सबूत

नई दिल्ली ( 4 नवंबर ) : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविद केजरीवाल का बयान अक्सर सुर्खियों में रहता है। उन्होंने जजों के एक कार्यक्रम में कहा था मैंने सुना है जजों के फोन टेप हो रहे हैं। उस कार्यक्रम में पीएम मोदी और केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद दोनों मौजूद थे। उसके बाद रविशंकर प्रसाद ने केजरीवाल के इस आरोप को खारिज कर दिया। 

अब इस मामले में दिल्ली पुलिस कमिश्रर आलोक कुमार वर्मा ने शुक्रवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जजों के फोन टेप करने के मामले में चिट्ठी लिखी है। कमिश्नर वर्मा ने केजरीवाल से जजों के फोन टेप करने के सबूत मांगे हैं। बता दें, सोमवार (31 अक्टूबर) को दिल्ली हाई कोर्ट की 50वीं सालगिरह समारोह के दौरान दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने जजों के फोन टैप होने का आरोप लगाया था। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे। केजरीवाल ने कहा था, ‘जजों के फोन भी टैप होते हैं। मैं कहता हूं कि ऐसा नहीं होना चाहिए। मैंने देखा दो जज आपस में बात कर रहे थे फोन पर बात मत करो, फोन टैप होता है। मैं नहीं जानता है कि यह सही है या नहीं, लेकिन अगर यह सही है तो यह खतरनाक है। तो फिर न्यायपालिका की स्वतंत्रता कहां रही? अगर कोई जज कुछ गलत करता भी है तो भी फोन टैपिंग नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा और भी तरीके हैं जिनसे सबूत इकट्ठा किए जा सकते हैं।’

दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने केजरीवाल को चिट्ठी में लिखा है, ‘दिल्ली हाईकोर्ट की 50वीं सालगिरह समारोह के दौरान आपने कथित तौर पर आरोप लगाया था कि जजों के फोन टेप किए जा रहे हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ऐसा आपने कुछ जजों को बात करते हुए सुना था। जैसा की आपको पता है कि फोन टेप करना एक गंभीर मामला है। इसकी मंजूरी तब तक नहीं मिलती, जब तक सक्षम अधिकारी कानून की प्रक्रिया के तहत इसकी सिफारिश न कर दे। इसलिए आपका इस मामले का जिक्र करना गंभीर चिंता का विषय है। आप हमें फोन टेपिंग की किसी भी घटना के बारे में बताए, जिसके हवाले से आपने इसका जिक्र अपने भाषण में किया। अगर आप हमें उस की सूत्र की जानकारी देंगे, जिसके हवाले से आपने यह आरोप लगाया है तो हम आपकी प्रशंसा करेंगे। ताकि, इस मामले में उचित कदम उठाए जा सकें।