दिल्ली में आज विपक्ष पार्टियों की 'महाबैठक', सरकार को घेरने की रणनीति पर होगी चर्चा


न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (10 दिसंबर): संसद के शीतकालीन सत्र की कल से शुरुआत होने जा रही है। ये सत्र 11 दिसंबर से लेकर 8 जनवरी तक चलेगी। लोकसभा चुनाव से पहले संसद का यह अंतिम संपूर्ण सत्र होगा। इस सत्र के शुरू होने पहले जहां सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। वहीं विपक्षी पार्टियों ने भी खुद को एकजुट दिखाने और सरकार के खिलाफ खुद को लांबबंद करने के लिए विपक्षी पार्टियों की बैठक बुलाई है। टीडीपी अध्यक्ष और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने दिल्ली में बैठक बुलाई है, जहां देश भर के कई राजनीतिक दल मौजूद रहेंगे। आम आदमी पार्टी भी बीजेपी विरोधी मोर्चे की इस बैठक में शामिल हो सकती है इसके लिए केजरीवाल को भी बुलाया गया है।


विपक्षी दलों की इस बैठक में मायावती की अगुआई वाली बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के शामिल होने को लेकर असमंजस कायम है। अभी तय नहीं है कि बसपा के प्रतिनिधि इस बैठक में मौजूद रहेंगे अथवा नहीं। दूसरी ओर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं के अलावा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू, कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला और राजद के वरिष्ठ नेताओं सहित करीब डेढ़ दर्जन राजनीतिक दलों के नेताओं के इस बैठक में शामिल होने की संभावना है।


आपको बता दें कि यह लोकसभा चुनाव से पहले संसद का अंतिम संपूर्ण सत्र होगा। पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे संसद की कार्यवाही पर असर डाल सकते हैं जहां भाजपा और कांग्रेस की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। मध्यप्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में चुनाव के नतीजे 11 दिसंबर को आएंगे। इसी दिन संसद सत्र शुरू होगा। सरकार राज्यसभा में लंबित ‘तीन तलाक’ विधेयक पारित करने पर जोर देगी। उसने तीन तलाक को रोकने के लिए अध्यादेश लागू किया है। सरकार राज्यसभा में लंबित 'ट्रिपल तलाक' बिल के पारित होने के लिए विपक्ष पर दबाव डालेगी। इसने तत्काल ट्रिपल तलाक को दंडनीय अपराध का अभ्यास करने के लिए एक अध्यादेश जारी किया था। सरकार इस सत्र में भारतीय मेडिकल काउंसिल संशोधन अध्यादेश और कंपनियों के संशोधन अध्यादेश को बिल के रूप में पारित करना चाहता है।