नोटबंदी के साइड इफेक्ट, पत्नी के इलाज के लिए नहीं मिले पैसे तो दे दी जान

नई दिल्ली (18 नवंबर): भले ही केंद्र सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया नोटों की कमी की बात से इनकार कर रहे हों, लेकिन देशभर में नोटबंदी के बाद कैश की किल्लत से हाहाकार मचा है। किसी के पास खाने के पैसे नहीं हैं तो कोई अपना और अपने परिजनों का इलाज नहीं करवा पा रहा है। देशभर से बड़ी तादाद में नोटबंदी के साइड इफेक्ट के मामले सामने आ रहे हैं। दिल्ली के नेब सराय में नोटबंदी से परेशान एक बिजनेसमैन ने खुदकुशी कर ली है। नोटबंदी की वजह से बिजनेसमैन वीरेंद्र कुमार का कारोबार ठप हो गया था। पिछले काफी दिनों से वो बैंक का चक्कर काट रहे थे, लेकिन उनके नोट नहीं बदले जा रहे थे, इस बात से परेशान वीरेंद्र ने फांसी लगा ली।

वीरेंद्र का ईस्ट ऑफ कैलाश में एलईडी का शोरूम है। वो लोगों को ब्याज पर रुपए देने का काम भी करते थे। लेकिन नोटबंदी के फैसले के बाद उनकी दुकानदारी ठप सी हो गई थी। वहीं उधार दिए गए पैसे की बदली नहीं हो रही थी, इस बात से वीरेंद्र काफी परेशान थे। वो डिप्रेशन के शिकार हो चुके थे। बताया जा रहा है कि वीरेंद्र की पत्नी प्रेगनेंट थी और इसकी पेगनेंसी में कुछ कॉम्प्लिकेशन भी थे। लिहाजा वीरेंद्र को अपनी पत्नी के इलाज के लिए ज्यादा पैसे की जरूर थी, लेकिन बैंक में कैश जमा नहीं करवा पाने की वजह से वो काफी परेशान था और आखिरकार वीरेंद्र ने ये खौफनाक कदम उठा लिया।   सुसाइड करने से पहले वीरेंद्र ने कई दिनों तक बैंक के चक्कर काटे, लेकिन उनका रुपया कैश नहीं हो पाया। इसलिए वो अपने मकान का किराया भी नहीं दे पा रहे थे। अब वीरेंद्र की खुदकुशी के बाद इलाके के लोग गुस्से में हैं।