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दिवाली से पहले दिल्ली-एनसीआर पर बड़ा खतरा

दिवाली से पहले दिल्ली-एनसीआर पर सबसे बड़ा खतरा मंडराने लगा है। अगले दो हफ्तों में दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुड़गांव जैसे शहरों में सांस लेना भी दूभर हो जाएगा। पिछले एक महीने में ही दिल्ली-एनसीआर की हवा 11 गुना ज्यादा ज़हरीली हो चुकी है

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (28 अक्टूबर): दिवाली से पहले दिल्ली-एनसीआर पर सबसे बड़ा खतरा मंडराने लगा है। अगले दो हफ्तों में दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और गुड़गांव जैसे शहरों में सांस लेना भी दूभर हो जाएगा। पिछले एक महीने में ही दिल्ली-एनसीआर की हवा 11 गुना ज्यादा ज़हरीली हो चुकी है। और अगर इसे जल्द काबू में नहीं किया गया तो हालात बेहद खतरनाक हो सकते हैं।करीब छह वर्ग किलोमीटर का इलाका जहरीले कार्बन की चपेट में है। यहां रहने वाले लोगों को समझ में नहीं आ रहा कि वे इस जहर से कैसे बचें। अपने बच्चे और घर के बुजुर्गों को कैसे महफूज रखें। इलाके के लोगों के मुताबिक कई बार शिकायत की प्रशासन और सरकार से गुहार लगाई पर कोई नतीजा नहीं निकला तो कॉन्टिनेंटल कार्बन फैक्ट्री के खिलाफ प्रदर्शन का सहारा लेना पड़ा।ऐसा नहीं कि सरकार या प्रशासन खामोश है। इलाके में फैले दमघोंटू कार्बन की जांच के लिए टीम बनाई गई। जांच टीम ने डीएम को जो रिपोर्ट सौंपी है उसमें कहा गया है कि प्रदूषण की वजह कॉन्टिनेंटल कार्बन और वर्धमान फैक्ट्री हैं। इन फैक्ट्रियों में प्रदूषण कंट्रोल के उपकरण नहीं लगे हैं। इन दोनों फैक्ट्रियों को बंद किया जाना ही उचित रहेगा। डीएम ने ये रिपोर्ट उत्तर प्रदेश पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और राज्य सरकार को तो भेज दिया है लेकिन सवाल है कि जब पिछले साल इस फैक्ट्री को सील कर दिया गया था तो आखिर इसे दोबारा क्यों और किसके आदेश पर चालू किया गया। बहरहाल इस मामले में गेंद एक बार फिर सरकार और पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के पाले में है। रफ्तार सुस्त सही पर कार्रवाई का भरोसा दिया जा रहा है। देखना है कि गाजियाबाद के इस रिहायशी इलाके को कार्बन के कहर से कब राहत मिलती है।

ज्यादा जानकारी के लिए देखिए न्यूज 24 की ये खास रिपोर्ट...

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