सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, आम्रपाली ग्रुप की संपत्तियां जब्त करने का दिया आदेश

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (13 नवंबर): सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की जानबूझकर अवहेलना के लिए शीर्ष अदालत ने रीयल इस्टेट कंपनी आम्रपाली समूह के खिलाफ कठोर रुख अख्तियार किया है। सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कंपनी के मल्टी स्पेशियालिटी अस्पताल, बैंक खातों, गोवा की बेनामी विला और उस इमारत को जब्त करने का आदेश दिया जिसमें इस कंपनी और कुछ अन्य फर्मों के कार्यालय हैं। 

जस्टिस अरुण मिश्रा और यूयू ललित की पीठ ने कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अनिल शर्मा और दो निदेशकों शिव प्रिया और अजय कुमार को 19 नवंबर को पेश होने का निर्देश दिया है। पीठ ने कहा कि आम्रपाली समूह ने जानबूझकर उसके पूर्व के आदेशों का पालन नहीं किया और घर खरीददारों के पैसों को एक कंपनी से दूसरी कंपनी में स्थानांतरित करके 'बड़ी धोखाधड़ी' की है। 

पीठ ने कंपनी के ग्रेटर नोएडा स्थित 100 बिस्तरों वाले मल्टी स्पेशियालिटी अस्पताल को जब्त करने का आदेश दिया है। इसके लिए अल्ट्रा होम कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के पैसों का उपयोग किया गया। इसके अलावा गौरीसुता इंफ्रास्ट्रक्चर्स प्राइवेट लिमिटेड व इसके निदेशक सुनील कुमार के बैंक खातों और उनकी संपत्तियों को भी जब्त करने का आदेश दिया। उन टावरों को भी जब्त किया जाएगा जिनमें कंपनी के कार्यालय स्थित हैं। साथ ही गोवा स्थित एक्वा फोर्टिस विला भी जब्त की जाएगी।

किसी ने भी इस विला के स्वामित्व का दावा नहीं किया है। आम्रपाली समूह पर कंपनी के कोष से खरीदी गईं 86 लक्जरी कारों और एसयूवी को किसी तीसरे पक्ष को बेचने पर भी रोक लगा दी गई है। शीर्ष अदालत ने कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी चंदर वाधवा को तीन हफ्ते के भीतर 11.69 करोड़ रुपये कोर्ट रजिस्ट्री में जमा कराने का आदेश भी दिया है। साथ ही ऑडिटर अनिल मित्तल को 47 लाख रुपये अदा करने का आदेश दिया है। अदालत ने आम्रपाली पर उन कंपनियों से नाता तोड़ने पर भी रोक लगा दी है जिनके साथ उसने लेनदेन किया था। साथ ही इन कंपनियों को अटैच करने का भी आदेश दिया है।