इस मेट्रो को चलने से पहले ही हो गया 6000 करोड़ का घाटा

नई दिल्ली (3 नवंबर): लालफीताशाही से हुई फाइलों की लेटलतीफी ने दिल्लीवालों को लगभग छह हजार करोड़ रुपये की चपत लगा दी। मामला दिल्ली मेट्रो के चौथे फेज से जुड़ा है। इस फेज की मंजूरी को लेकर लगभग तीन साल से सरकारों के बीच घूम रही फाइलों के कारण मेट्रो का यह प्रॉजेक्ट दो साल लेट हो चुका है। इस लेटलतीफी से प्रॉजेक्ट की लागत में लगभग छह हजार करोड़ रुपये की बढ़ोतरी का अनुमान है। अहम बात यह कि अभी यह प्रॉजेक्ट मंजूर नहीं हुआ है और अगर अब भी दिल्ली और केंद्र सरकार तेजी से काम करती हैं, तब भी इस प्रॉजेक्ट की मंजूरी प्रक्रिया में छह महीने से लेकर एक साल तक का वक्त और लग सकता है।