एक और झटका देने की तैयारी में दिल्ली मेट्रो, बढ़ सकता है किराया

नई दिल्ली (27 नवंबर): दिल्ली मेट्रो में सफर करने वाले लोगों को एक और झटका लग सकता है। मेट्रो का किराया तय करने के लिए अधिकृत केंद्र द्वारा नियुक्त समिति की सिफारिशों का पालन करते हुए मेट्रो का किराया जनवरी 2019 में एक बार फिर बढ़ाया जा सकता है. न्यायाधीश (सेवानिवृत) एमएल मेहता की अध्यक्षता वाली इसी समिति की सिफारिशों पर मई और अक्टूबर में दो चरणों में किराये में बढ़ोत्तरी की गई थी। न्यायाधीश मेहता दिल्ली के प्रमुख सचिव और बोर्ड पर शहरी विकास मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव भी रह चुके हैं। 

न्यायाधीश सेवानिवृत एमएल मेहता की अध्यक्षता वाली इसी समिति की सिफारिशों पर मई और अक्तूबर में दो चरणों में किराए में बढ़ोत्तरी की गई थी। न्यायाधीश मेहता दिल्ली के प्रमुख सचिव और बोर्ड पर शहरी विकास मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव भी रह चुके हैं। मेट्रो रेलवे अधिनियम के तहत गठित की गई चौथी किराया निर्धारण समिति एफएफसी ने अपनी रिपोर्ट में ऑटोमेटिक वार्षिक किराया समीक्षा की भी सिफारिश की है जिसके तहत किराया सात फीसदी तक बढ़ेगा। यह व्यवस्था अगली एफएफसी तक प्रभावी रहेगी। दिल्ली मेट्रो रेल प्राधिकरण (डीएमआरसी) ने भी इस व्यवस्था का प्रस्ताव रखा था।

हाल ही में एक आरटीआई से जानकारी मिली थी कि दिल्ली मेट्रो में 10 अक्टूबर को किराया बढ़ने के बाद यात्रियों की संख्या प्रति दिन 3 लाख घटी है। आरटीआई डाटा से पता चला है कि सितंबर में 27.4 लाख से अक्टूबर में मेट्रो की दैनिक औसत सवारी 24.2 लाख पर आ गई। यात्रियों की संख्या में करीब 11 प्रतिशत की कमी दर्शाती है कि किराया बढ़ने से लोगों ने मेट्रो में सफर करना कम किया है। इतना ही नहीं सबसे ज्यादा व्यस्त रहने वाली ब्लू लाइन पर यात्रियों की संख्या में 30 लाख से ज्यादा की कमी आई है। आंकड़ों को डीएमआरसी ने साझा किया है।