WATCH: दिल्ली मेट्रो ने पूरा किया सबसे टफ टास्क

वरुण सिन्हा, नई दिल्ली (20 जुलाई): दिल्ली मेट्रो ने अपना सबसे टफ टास्क पूरा कर लिया है। लाल किले और जामा मस्जिद को बिना नुकसान पहुंचाए उनकी नींव के नीचे से मैट्रो दौड़ेगी। दिल्ली मेट्रो के फेज थ्री के लिए सबसे बड़ी मुश्किल थी। पुरानी दिल्ली की घनी आबादी और वर्ल्ड हैरिटेज इमारतों के नीचे सुरंग खोदना, थोड़ा देर में ही सही मेट्रो ने अपना काम पूरा किया है।

दिल्ली के पाताल में सुरंग खोदने वाली मशीन आखिरकार कश्मीरी गेट से 1,351 मीटर लंबी सुरंग खोदने के बाद लाल किला मेट्रो स्टेशन पर धरती से बाहर निकल आई। सतह से 16 मीटर की गहराई में चुपचाप ये सबसे लंबी सुरंग बनाई जा रही थी। कश्मीरी गेट से लाल किला के बीच दिल्ली मेट्रो की सुरंग बनकर तैयार हो गई है।

यह सुरंग ऐतिहासिक दारा शिकोह पुस्तकालय, लोठियान पुल और अंबेडकर विश्वविद्यालय के नीचे से होकर गुजरेगी। दिल्ली मेट्रो रेल निगम यानी डीएमआरसी के फेज थ्री के तहत बनी ये सुरंग केंद्रीय सचिवालय से कश्मीरी गेट के बीच 9.37 किलोमीटर लंबे मेट्रो रूप पर पड़ेगी।

मेट्रो के इस रूट पर 7 स्टेशन होंगे... - जनपथ - मंडीहाउस - आईटीओ - दिल्ली गेट - जामा मस्जिद - लाल किला - कश्मीरी गेट

दिल्ली के जामा मस्जिद के नीचे 10 किलोमीटर लम्बी सुरंग को बनाना मेट्रो के लिए आसान नहीं था। मेट्रो ने 2011 में इस काम की शुरुआत की और उसके बाद करीब 5 साल में इस काम को पूरा कर लिया।  इस रूट पर मंडी हाउस और कश्मीरी गेट इंटरचेंज स्टेशन होंगे। इसी रूट पर दिल्ली की सबसे घनी आबादी के इलाके जैसे दरियागंज, दिल्ली गेट और लाल किला हैं।

इस रूट पर... - जामा मस्जिद - दिल्ली गेट - लाल किला - जंतर मंतर - उग्रसेन की बावली - खूनी दरवाजा - फिरोजशाह कोटला किला - शाही सुनहरी मस्जिद जैसी विरासतें हैं।

मेट्रो ने केंद्रीय सचिवालय से लेकर कश्मीरी गेट तक करीब 10 किलोमीटर की इस मेट्रो लाइन का नाम हेरिटेज लाइन रखा है। इस लाइन पर केंद्रीय सचिवालय से आइटीओ तक 4.2 किलोमीटर मेट्रो का सफर पहले ही शुरू हो चुका है। लाल किला से कश्मीरी गेट की ओर जाने के लिए सबसे मुश्किल सुरंग भी बनकर तैयार है। उम्मीद है इस साल के आखिर तक लाल किले और जामा मस्जिद के नींव के नीचे से लोग मैट्रो में सफर कर रहे होंगे।

वीडियो:

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