दिल्ली में 4 सरकारी और 600 निजी अस्पताल आग से नहीं सुरक्षित


नई दिल्ली (18 जुलाई): लखनऊ के KGMU में लगी आग के बाद देशभर के अस्पतालों में आग को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। दिल्ली में इस वक्त 37 सरकारी और 700 छोटे-बड़े निजी अस्पताल हैं। लेकिन आपको ये जानकर हैरानी होगी की दिल्ली के 4 सरकारी अस्पताल और 600 से ज्यादा निजी अस्पताल आग से सुरक्षित नहीं है यानी यहां आग से बचाव और आग लगने के बाद हालात से निपटने की स्थिति से समुचित व्यवस्था नही हैं। मानकों को पूरा नहीं किए जाने के कारण सरकारी अस्पतालों को दिल्ली अग्निशमन विभाग ने NOC नहीं दी है।

अग्निशमन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली के लोक नायक अस्पताल, जीबी पंत अस्पताल, रोहिणी स्थित बाबा साहब अंबेडकर अस्पताल और मोती बाग के डा. बी.आर सुर होम्योपैथी अस्पताल को अग्निशमन विभाग ने अबतक NOC नहीं दिया है। लोक नायक और जीबी पंत अस्पताल में दमकल के आने जाने के लिए अप्रोच रोड नहीं है। यही नहीं यहां आग से बचाव के लिए लगे यंत्र सही तरीके से काम नहीं कर रहे। यही हाल डा. बी.आर सुर होम्योपैथी अस्पताल का है। बाबा साहब अंबेडकर अस्पताल में भवन के सभी खंडों में अलग-अलग अग्निरोधक व्यवस्था नहीं है। दरअसल अस्पतालों को अग्निशमन की एनओसी प्रदान करने के लिए विभाग द्वारा अगल-अलग मानक तय किए गए हैं। एक मानक भी कम होने पर परिसर को सुरक्षित नहीं माना जाता। 

सबसे बुरा हाल तो रिहायशी और अन्य इलाके में चलने वाले छोटे व मझोले निजी अस्पतालों का है। दिल्ली में करीब 700 छोटे-बड़े अस्पताल हैं और सभी सन 2010 के पहले के बने हुए हैं। इनमें से 67 बड़े अस्पतालों को छोड़कर किसी के पास भी अग्निशमन विभाग की NOC नहीं है। यानी यहां मरीज भगवान भरोसे हैं।