चाइनीज मांझे पर बैन, प्रयोग किया तो होगी 5 साल की कैद

नई दिल्ली (16 अगस्त): राजधानी में चाइनीज मांझा का शिकार बनी 3 साल की मासूम की मौत के बाद दिल्ली सरकार की नींद खुली है और इसपर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। यही नहीं पर्यावरण विभाग ने दिल्ली के साथ-साथ चाइनीज मांझे पर रोक लगा दी है।

पर्यावरण विभाग ने एक नोटिफिकेशन जारी करके राजधानी क्षेत्र में धार वाले सभी मांझों को प्रतिबंधित कर दिया है। पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 के सेक्शन 5 के तहत इस पर प्रतिबंध लगाया गया है। उप राज्यपाल ने इसे मंजूरी दी है। पर्यावरण विभाग ने राजधानी क्षेत्र में पतंग उड़ाने वाले चाइनीज धागों के साथ नाइलॉन, प्लास्टिक और कांच के इस्तेमाल से बनाए जाने वाले मांझों को प्रतिबंधित कर दिया है।

इसके तहत सभी धारदार पतंग उड़ाने वाले धागों को बैन किया गया है। नोटिफिकेशन में कहा गया है कि पतंग उड़ाने के लिए केवल सूती धागे का ही प्रयोग किया जा सकता है। इसमें किसी प्रकार की धातु और कांच की सामग्री का मिश्रण नहीं होना चाहिए। इस प्रतिबंध का उल्लंघन करने वाले के लिए पांच साल की कैद या एक लाख रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान है। सजा के तौर पर कैद और जुर्माना दोनों भी हो सकता है।

गौरतलब है कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिल्ली एनसीआर में खूब पतंगबाजी होती है। सोमवार को एक तीन साल की बच्ची की मांझे से गर्दन कट गई। अस्पताल ले जाते वक्त उसने दम तोड़ दिया। इसी तरह एक बाइक सवार की भी गर्दन कटने से मौत हो गई। मांझे से कई लोग घायल भी हो गए। 15 से 16 अगस्त के बीच चांदनी चौक स्थित जैन धर्मार्थ संस्थान में लगभग 450 पक्षियों को लाया गया जो मांझे से घायल हो गए थे। बहुत सारे पक्षी मारे भी गए। चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध लगने से न केवल पक्षियों की जान का खतरा कम होगा, बल्कि लोगों को भी इस खतरे से दूर रखा जा सकेगा।