सेक्स रैकेट में बड़ा खुलासा: अलमारियों में बंद कर रखी थीं 250 लड़कियां, रोजाना कमाते थे 10 लाख

नई दिल्ली (30 अगस्त): दिल्ली में एक बड़े सेक्स रैकेट का खुलासा हुआ है, जिसमें एक दंपति समेत 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दंपति पर 5 हजार से ज्यादा लड़कियों की ह्यूमन ट्रैफिकिंग करने का शक जताया है। जब क्राइम ब्रांच ने जीबी रोड इलाके में रेड मारी तो 250 लड़कियां तहखाने और अलमारियों में बंद मिलीं।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मकोका के तहत केस दर्ज किया गया है। पश्चिम बंगाल, ओडिशा, कर्नाटक और असम की थी लड़कियां... - ज्वाइंट कमिश्नर (क्राइम) रविंद्र यादव ने बताया- "पुलिस ने दो रेड मारकर 8 आरोपियों को अरेस्ट किया, जिनमें 3 महिलाएं भी शामिल हैं।'' - ''गिरोह पश्चिम बंगाल, ओडिशा, कर्नाटक, असम और आंध्रप्रदेश, झारखंड और नेपाल से ह्यूमन ट्रैफिकिंग करते था।" - "50-60 हजार रुपए में लड़कियों को खरीदकर 2 लाख रुपए तक जीबी रोड में बेच देते थे। - ''सायरा बेगम और आफाक हुसैन गिरोह के सरगना हैं जो इस धंधे से 100 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर चुके हैं।" - "जीबी रोड समेत कई सीक्रेट ठिकानों में इन लड़कियों को चेम्बर, तहखाने और अलमारियों में छिपाकर रखा जाता था।"

बेहद ऑर्गनाइज है यह रैकेट... - पुलिस का कहना -"यह रैकेट कई राज्यों में फैला है। और बेहद ऑर्गनाइज है।" - "इस कपल के दिल्ली और बेंगलुरु में कई फॉर्म हाउस का पता चला है। इनके पास कई लग्जरी गाड़ियां और दुकानें हैं। करोड़ों रुपए अकाउंट में जमा है।" - आफाक का मसलमैन सरफराज ऊर्फ बिल्ली फरार है। जो इलाके में अपना रौब बनाकर रखता था।

कारपेंटर से करोड़पति... - पुलिस के मुताबिक, रैकेट का सरगना आफाक पहले मामूली कॉरपेंटर था। वह जीबी रोड पर जाता था, यहां उसकी मुलाकात सायरा से हुई और दोनों ने शादी कर ली। - 1990 के बाद उन्होंने मिलकर सेक्स रैकेट शुरू कर दिया। पुलिस को इनके 6 ठिकानों पर 40 कमरों में 250 लड़कियां बंद मिली हैं। - यहां पर लड़कियों को कंट्रोल करने के लिए बुजुर्ग महिलाएं तैनात कर रखी थीं। - वहीं, उसने कमाई का हिसाब रखने के लिए एक मैनेजर भी रखा था। एक रजिस्ट्रर में रोज की कमाई लिखी जाती थी।

एक दिन की कमाई है 10 लाख... - पुलिस के मुताबिक, कपल एक बड़ा सिंडीकेट खड़ा कर चुके थे। इसके जरिए एक दिन की कमाई 10 लाख रुपए तक थी। - दोनों अपने एजेंट्स के जरिए लड़कियों को नौकरी का झांसा देकर बुलाते और कई दिनों तक बंधक बनाकर रखते थे। - यहां पर लड़कियों को टॉर्चर किया जाता था। जब वे टूट जातीं तो इन्हें जीबी रोड पर लाकर जिस्मफरोशी के धंधे में उतारा जाता था।