अब दिल्ली पुलिस की लगेंगी 'इंग्लिश-विंग्लिश' क्लासेस, अधिकारी सीखेंगे- 'फॉरेन एक्सेंट'

नई दिल्ली (3 जून): इन दिनों दिल्ली पुलिस अपनी अंग्रेजी सुधारने में लग गई है। पुलिस अंग्रेज़ी बोलने के लिए विदेशी उच्चारण (एक्सेंट) सीखने की कोशिश कर रही है। आप सोच रहे होंगे कि अचानक से पुलिस को ऐसा कदम उठाने की जरूरत क्यों पड़ी?

'हिंदुस्तान टाइम्स' की रिपोर्ट के मुताबिक, विदेशियों से बेहतर तरीके से बातचीत कर पाने के लिहाज से पुलिस ने अधिकारियों को ना केवल अंग्रेजी में बातचीत के लिए ट्रेनिंग देने का फैसला किया है। बल्कि पुलिस अधिकारियों से अलग-अलग विदेशी उच्चारण सीखने के लिए भी कहा है।

पिछले सप्ताह अफ्रीकियों पर हुए हमलों के मद्देनज़र यह कदम उठाया गया है। जिन्हें अपराधों के लिए लगातार निशाना बनाया जा रहा है। इन हमलों की वजह से राजनयिक विवाद भी पैदा हो गया, और तनाव बढ़ने पर सरकार को कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा।

विभाग ने भाषा विशेषज्ञों को इस काम में लगाने का फैसला किया है। जो पुलिस स्टाफ को अंग्रेजी को विभिन्न एक्सेंट्स में बोलने और समझने की ट्रेनिंग देंगे।  दिल्ली में रह रहे 42 अफ्रीकी देशों के निवासियों के प्रतिनिधियों से दो अनुवादकों को उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है। जिससे पुलिस उनकी समस्याएं बेहतर तरीके से और जल्दी समझ सके। उनमें से प्रत्येक से एक कोऑर्डिनेटर को नॉमिनेट करने के लिए कहा गया है। जो शहर की पुलिस या स्थानीय निवासियों के साथ मीटिंग्स में मौजूद रहें। 

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ट्रेन्ड अधिकारी को नई दिल्ली डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल रूम में तैनात किया जाएगा। जो विदेशियो के लिए हाल ही में लॉन्च की गई हेल्पलाइन पर कॉल्स अटैंड करेंगे। इसके अलावा कुछ अन्य ट्रेन्ड पुलिसकर्मियों को सेंट्रल पुलिस कंट्रोल रूम (100) में भी तैनात किया जाएगा। जहां हर दिन करीब 21,000 कॉल्स आती हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "क्योंकि हमारा 100 नंबर किसी भी परेशानी या अपराध में सबसे पहले प्रतिक्रिया देता है, कम से कम एक पुलिस ऑफिसर जो अंग्रेजी में ट्रेन्ड है, वह सेंट्रल कंट्रोल रूम में 24*7 रहेगा। जो विदेशियों की शिकायतों के लिए रहेगा।"

दिल्ली में अफ्रीकी समुदाय की समस्याओं से जुड़े मुद्दों के लिए नोडल ऑफिसर ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (साउथ-ईस्टर्न रेंज) आरपी उपाध्याय ने बताया कि दिल्ली में अफ्रीकियों के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ एक मीटिंग के बाद एक्सेंट ट्रेनिंग का फैसला लिया गया है।