दिल्ली सरकार ने लिया फैसला, अब हर घर में लोग बना सकेंगे बिजली

नई दिल्ली (7 जून): दिल्ली में बिजली की परेशानी को दूर करने के लिए केजरीवाल सरकार ने नई सोलर पॉलिसी को मंजूरी दी है। इस पॉलिसी के तहत राजधानी को 'सोलर सिटी' बनाने का लक्ष्य तैयार किया है। सरकार ने साल भर में 1000 मेगावाट सोलर पावर तैयार करने का प्लान बनाया है। कैबिनेट की बैठक के बाद दिल्ली के ऊर्जा मंत्री सत्येंद्र जैन ने इसका ऐलान किया। इस पॉलिसी के तहत दिल्ली के लोग अपने घरों की छतों पर सोलर पैनल लगवा सकेंगे। अच्छी बात यह है कि सरकार की तरफ से इसके लिए सब्सिडी भी दी जाएगी।

दिल्ली का आलम यह है कि गर्मी के दिनों में बिजली की खपत बढ़ जाती है जिसके कारण घंटों तक लोगों को अंधेरे में रहना पड़ता है। इस पॉलिसी की सहायता से लोग पॉवर कट की परेशानी से निजात पा सकेंगे साथ ही बिजली बिल से भी छुटकारा मिल जाएगा।   क्या होंगे फायदे... > सोलर पॉलिसी के तहत सरकार अगले 5 साल तक 1000 मेगावाट बिजली उत्पादन करेगी। > इसके तहत नेट मिटरिंग की छूट होगी। > ग्रुप नेट मिटरिंग की भी इजाजत होगी। > ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी के लिए वर्चुअल नेट मिटरिंग होगा। > 200 किलोवॉट तक के सौर पैनल के लिए इंस्पेक्टर के सर्टिफिकेशन की जरूरत नहीं पड़ेगी। > छत पर सोलर प्लांट के लिए 2 मीटर की ऊंचाई तक छूट का प्रावधान। > सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए उत्पादन आधारित इन्सेंटिव भी दिया जाएगा। > पॉलिसी के तहत सरकार की सभी नई सरकारी बिल्डिंग में सोलर पैनल लगाना अनिवार्य होगा।