दिल्ली में 'धुंध' वाले 'धोखे' पर बड़ा खुलासा

वरुण सिन्हा, नई दिल्ली(16 नवंबर): दिल्ली की धुंध को दिल्लीवालों से हुए बहुत बड़े धोखे पर बहुत बड़ा खुलासा हुआ है। ये खुलासा आरटीआई के जरिए हुआ है। पता चला है कि दिल्ली सरकार ने दो साल में प्रदूषण हर्जाने के तौर पर ट्रकों से 787 करोड़ 12 लाख रुपए वसूले थे। जबकि इसमें से प्रदूषण रोकने पर सिर्फ 93 लाख रुपए खर्च किए। ऐसे में सवाल उठता है कि दिल्ली को साफ रखने के नाम पर वसूला गया पैसा दिल्ली पर खर्च क्यों नहीं किया गया।

दिल्ली की हवा में घुले जहर को लेकर केजरीवाल सरकार पड़ोस के राज्यों को जिम्मेदार ठहराती है। दूसरे राज्यों से दिल्ली में आने वाली गाड़ियों को जिम्मेदार ठहराती है। लेकिन आरटीआई से एक ऐसा खुलासा हुआ है जिससे आप सरकार की पोल खुल गई है। 

अक्टूबर 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि दिल्ली में दाखिल ट्रकों से प्रदूषण हर्जाना वसूला जाए। छोटे ट्रकों से 700 रुपए और बड़े ट्रकों से 1300 रुपए। 

दिल्ली नगर निगम हर्जाना वसूल कर दिल्ली सरकार को देगी। आरटीआई कार्यकर्ता संजीव जैन को मिले जवाब में जानकारी मिली है कि दिल्ली सरकार को 2015 में 50 करोड़ 65 लाख रुपए मिले। 2016 में प्रदूषण हर्जाना 386 करोड़ रुपए मिले जो बढ़कर 2017 में 786 .12 करोड़ रुपए हो गए। 

जानकारी मिली है कि दिल्ली सरकार ने 2016 में मात्र 93 लाख खर्च किए। जबकि 2017 में कोई भी पैसा खर्च नहीं हुआ।