बुलेट ट्रेन ही नहीं...और भी बहुत कुछ है इस दोस्ती के पीछे !

नई दिल्ली (14 सितंबर): शिंजो आबे को अहमदाबाद बुला कर भव्य स्वागत करना, उसके बाद रोड शो और अब बुलेट ट्रेन की आधारशिला...सामने से जो दिखाई देता है उससे ज्यादा छिपा है इस डील के पीछे। दरअसल, चीन का संतुलन भारत के पक्ष में करने के लिए जापान का वजन भारत के पलड़ें में आना जरूरी था। इसके अलावा रक्षा और न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी सस्ते में हासिल करने के लिए शिंजो आबे का इतना बड़ा सम्मान भी जरूरी था। इसके अलावा एशिया-अफ्रीकाग्रोथ कॉरि़डोर की सफलता के लिए जापान को साथ लेना जरूरी है।