राफेल-रिलायंस और टैक्स में रियायतः दिल्ली से लेकर पेरिस तक कोहराम

न्यूज24 ब्यूरो नई दिल्ली (13 अप्रैल):  फ्रांसीसी अखबार ली मुंडे की एक रिपोर्ट के बाद एक बार फिर फ्रांस और भारत की राजनीति में बवाल हो गया है। भारत के प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे राफेल डील से जोड़कर जैसे ही प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा वैसे ही रक्षा मंत्रालय सामने आया और बयान आया कि राफेल डील और टैक्स मसले को एक साथ जोड़कर देखने को गुमराह करने वाली शरारती कोशिश करार दिया है।इसके तुरंत बाद दिल्ली स्थित फ्रांस दूतावास ने कहा है कि टैक्स सेटलमेंट फ्रांस के  नियम-कानूनों के तहत हुआ था। यह किसी राजनीतिक दखल का विषय नहीं है। इतना ही नहीं  रिलायंस कम्यूनिकेशंस ने भी सफाई दी है कि टैक्स सेटलमेंट में कोई गड़बड़ी नहीं हुई।


फ्रांस के एक न्यूजपेपर ने शनिवार को अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि अप्रैल 2015 में पीएम मोदी द्वारा पैरिस में राफेल डील के ऐलान के कुछ महीनों बाद फ्रांस में रिलायंस कम्यूनिकेशन की सब्सिडियरी कंपनी के 14.37 करोड़ यूरो (करीब 1,125 करोड़ रुपये) का टैक्स माफ कर दिया गया था।
इस पर प्रतिक्रिया भारत में फ्रांस के राजदूत ने कहा, '2008 से 2012 की अविधि से जुड़े टैक्स विवाद के मामले में फ्रेंच टैक्स अथॉरिटीज और टेलिकॉम कंपनी रिलायंस फ्लैग के बीच ग्लोबल सेटलमेंट हुआ था। यह सेटलमेंट पूरी तरह कानून सम्मत और टैक्स ऐडमिनिस्ट्रेशन के सामान्य प्रैक्टिस को चलाने वाले नियामकीय प्रावधानों के तहत था। यह किसी भी राजनीतिक दखल का विषय नहीं था।'


फ्रेंच न्यूजपेपर की रिपोर्ट के बाद रक्षा मंत्रालय ने भी दो टूक कहा है कि राफेल डील और टैक्स मसले को एक साथ जोड़कर देखना गुमराह करने वाली शरारती कोशिश है। रक्षा मंत्रालय ने कहा, 'हमने एक प्राइवेट कंपनी को मिले टैक्स छूट और भारत सरकार द्वारा राफेल सौदे के बीच संबंध की अटकल जोड़ने वालीं रिपोर्ट्स को देखा है। न ही टैक्स कन्सेशन की अवधि और न ही कन्सेशन की विषयवस्तु का मौजूदा सरकार द्वारा किए गए राफेल डील से कोई संबंध है। टैक्स मसले और राफेल मामले को एक साथ जोड़कर देखना पूरी तरह गलत और पक्षपातपूर्ण है बल्कि झूठी सूचना देने की शरारती कोशिश है।'


रक्षा मंत्रालय द्वारा फ्रेंच न्यूजपेपर की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देने से कांग्रेस भड़क गई। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर रक्षा मंत्रालय को प्राइवेट कॉर्पोरेट का आधिकारिक प्रवक्ता ठहरा दिया। सुरजेवाला ने ट्वीट किया कि इसे कहते हैं- चोर की दाढ़ी में तिनका। उन्होंने आगे लिखा कि अब रक्षा मंत्रालय प्राइवेट कॉर्पोरेट के लिए 'आधिकारिक प्रवक्ता' बन गया है।


 रिलायंस कम्यूनिकेशंस ने भी कहा है कि टैक्स सेटलमेंट में कुछ भी गलत नहीं हुआ। आरकॉम ने कहा है कि टैक्स विवाद को उन कानूनी प्रावधानों के तहत हल किया गया, जो फ्रांस में संचालित सभी कंपनियों के लिए उपलब्ध हैं। दूसरी तरफ, फ्रेंच न्यूजपेपर की रिपोर्ट के बाद से ही कांग्रेस पीएम मोदी और अनिल अंबानी पर हमलावर है।
कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि फ्रांस के अखबार की रिपोर्ट से 'मनी ट्रेल' का खुलासा हो गया है और यह साबित हो गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने राफेल मामले में 'अनिल अंबानी के बिचौलिए' का काम किया है। सूरजेवाला ने पत्रकारों से कहा, 'फ्रांस के अखबार में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। क्या मनी ट्रेल सामने आ गई है? क्या मोदी अपने मित्र डबल ए (अनिल अंबानी) के बिचौलिए के रूप में काम कर रहे हैं? क्या अब चौकीदार की चोरी पकड़ी गई है?'