मनोहर पर्रिकर ने परमाणु हथियारों के पहले इस्तेमाल पर दिया बयान, मचा बवाल

नई दिल्ली ( 11 नवंबर ) : रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने परमाणु हमले को लेकर बड़ा बयान दिया है। उनके इस बयान पर विवाद भी हो सकता है। गुरुवार को मनहोर पर्रिकर ने कहा, पहले प्रयोग नहीं (नो फर्स्ट यूज) की नीति’ के बजाय भारत यह क्यों नहीं कह सकता कि हम एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति हैं और गैरजिम्मेदार तरीके से इसका प्रयोग नहीं करेंगे। लेकिन उनके इस बयान तुरंत बाद रक्षा मंत्रालय ने उनकी बात से किनारा कर लिया। मंत्रालय ने कहा कि पर्रिकर ने जो कहा वह उनका निजी विचार है और यह मंत्रालय का आधिकारिक रुख नहीं है।

परमाणु रणनीति के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में पर्रिकर ने कहा, अगर पहले से तैयार रणनीति का पालन किया जाए या आप परमाणु मुद्दे पर किसी रुख पर कायम रहते हैं तो मुझे लगता है कि आप परमाणु हथियारों के मामले में अपनी शक्ति को खो रहे हैं। लोग कहते हैं कि भारत, पहले परमाणु हथियार का इस्‍तेमाल नहीं करने के विचार को मानता है। मुझे इस विचार से खुद को क्‍यों बांधे रखना चाहिए। इसके बदले मुझे यह कहना चाहिए कि हमारा देश एक जिम्‍मेदार परमाणु ताकत है और मैं गैरजिम्‍मेदाराना तरीके से इसका इस्‍तेमाल नहीं करूंगा। ऐसा मेरा मानना है।

पर्रिकर ने आगे कहा, कुछ लोग कह सकते हैं कि भारत की परमाणु नीति में बदलाव आ गया है, लेकिन किसी भी सरकार के दौरान इस नीति में बदलाव नहीं आया है। पड़ोसी देश से इस तरह की धमकियां मिलती थीं कि सुरक्षा का खतरा होने पर वह रणनीतिक तरीके से परमाणु हथियारों का इस्‍तेमाल कर सकता है लेकिन जिस दिन सर्जिकल स्‍ट्राइक हुआ उसके बाद से इस तरह की कोई धमकी नहीं आई है।

रक्षा मंत्री ने कहा, कोई आपके बारे में पूर्वानुमान नहीं लगा सके, यह रणनीति का हिस्‍सा है। लेकिन हमारे पास पहले से तय चीजें होनी चाहिए ताकि सामान्‍य तौर पर हम उसी के मुताबिक आगे बढ़ते रहें। निश्चित तौर पर जब देश को किसी तरह का खतरा होगा तो मैं पहले से तय चीजों के बारे में नहीं सोचूंगा।