रक्षा पर खर्च करने वाले दुनिया के टॉप 5 देशों में शामिल हुआ भारत

लंदन (13 दिसंबर): भारत तेजी से अपनी सेना के आधुनिकीकरण पर जोर दे रहा है और रक्षा बजट में इजाफा भी कर रहा है। भारत रक्षा पर खर्च करने वाले दुनिया के शीर्ष पांच देशों में शामिल हो गया है। रक्षा बजट के इस मामले में अमेरिका, चीन और ब्रिटेन के बाद भारत का चौथा स्थान है।

रिसर्च कंपनी IHS मार्केट की ओर से जारी '2016 जेन्स डिफेंस बजट्स रिपोर्ट' के मुताबिक अमेरिका, चीन और ब्रिटेन रक्षा पर खर्च करने वाले विश्व के तीन शीर्ष देश बने हुए हैं। इसके बाद सउदी अरब और रूस का नंबर है।

भारत ने इस साल रक्षा पर 50.7 अरब डॉलर (करीब 3.41 लाख करोड़ रुपये) खर्च किया जो कि पिछले वर्ष के 46.6 अरब डॉलर से अधिक है। रिपोर्ट में कहा गया है कि अपने आधुनिकीकरण अभियान के परिणामस्वरूप भारत का 2018 तक ब्रिटेन को पीछे छोड़ना तय प्रतीत होता है क्योंकि उसका रक्षा बजट विश्व का तीसरा सबसे बड़ा बजट हो जाएगा। वहीं ब्रिटेन की रक्षा पत्रिका ने भविष्यवाणी की है कि भारत का रक्षा खर्च 2010 के 38 अरब डॉलर से बढ़कर 2020 में 64 अरब डॉलर हो जाएगा।

अमेरिका इस वर्ष 622 अरब डॉलर के रक्षा बजट के साथ विश्व में सबसे आगे रहा। वहीं चीन का रक्षा बजट 191.7 अरब डॉलर जबकि ब्रिटेन का रक्षा बजट 53.8 अरब डॉलर का रहा। सउदी अरब का रक्षा बजट 48.68 अरब डॉलर और रूस का रक्षा बजट 48.44 अरब डॉलर का था।

IHS जेन्स में एशिया प्रशांत के प्रधान विश्लेषक क्रेग कैफ्रे ने कहा कि तीन वर्षों से भारत में रक्षा खरीद पर नियंत्रण रहा है। लेकिन 2017 के बाद से भारत का रक्षा आधुनिकीकरण पर ध्यान केंद्रित होगा। इसके लिए नए रक्षा साजो सामान की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि भारत रक्षा आपूर्तिकर्ताओं के लिए बड़े बाजार के तौर पर उभरेगा।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल दुनियाभर में रक्षा खर्च एक फीसद की वृद्धि के साथ 1.6 ट्रिलियन डॉलर हो गया। जबकि 2015 में इसमें 0.6 फीसद की वृद्धि हुई थी। यह बढ़ोतरी रूस से उत्पन्न खतरे और मध्य पूर्व में आतंकी संगठन आइएस के चलते हुई है।

रिपोर्ट में भविष्यवाणी की गई है कि 2020 तक चीन पूरे पश्चिमी यूरोप जितना रक्षा पर खर्च करेगा। 2025 तक उसका रक्षा खर्च एशिया प्रशांत क्षेत्र के सभी देशों के कुल रक्षा खर्च से ज्यादा हो जाएगा।