'लिव-लव-लाफ' में अपनी बातें बताते-बताते रो पड़ीं दीपिका पादुकोण

नई दिल्ली (11 अक्टूबर): हम आम हों या खास, सबके जीवन में कुछ कमजोर पल आते हैं। और उन कमजोर पलों को जो मजबूती से झेल ले जाता है, वही तारीफ का सच्चा हकदार है। कुछ ऐसी ही कहानी है हम सबकी चहेती अभिनेत्री दीपिका पादुकोण की। दीपिका बॉलिवुड की उन चुनिंदा हस्तियों में से हैं जिन्होंने अपनी पर्सनल लाइफ के कमजोर लम्हों के बारे में खुलकर बात की है। 

- एक कार्यक्रम में दीपिका ने अपने कुछ अनुभव शेयर किए, और वो बातें बताते-बताते दीपिका काफी इमोशनल हो गईं। दरअसल मौका था मानसिक स्वास्थ्य पर आधारित नैशनल पब्लिक अवेयरनेस कैंपेन की लॉन्चिंग का। 

- दीपिका इस कार्यक्रम में खासतौर से आमंत्रित थीं। बतौर मुख्य अतिथि उन्होंने न केवल यह कैंपेन लॉन्च की, बल्कि अपनी जिंदगी के कमजोर पलों को बिना किसी हिचक के पब्लिकली साझा किया।

- दीपिका ने बताया कि करीब 2 साल पहले उनका परिवार उनसे मिलने आया था। जब वे जाने वाले थे, उस समय दीपिका अपने बेडरूम में सिमटी सी चुपचाप बैठी हुई थीं। तभी उनकी मां ने उनसे पूछा कि सब ठीक तो है न। दीपिका ने हां में सिर हिला दिया।

- दीपिका की मां ने 2-3 बार उनसे पूछा और वह हर बार टालती रहीं, लेकिन आखिर में उनका गला भर आया और वह फूट-फूटकर रो पडीं।

- यह किस्सा बताते-बताते मंच पर एक बार फिर दीपिका का गला भर आया। कुछ सेकंड तक उनसे कुछ बोला ही नहीं गया। मुस्कुराते हुए दीपिका ने अपने आंसू रोकने की कोशिश की, लेकिन जब वह आगे बोलीं तो रो दीं।

- रोते-रोते उन्होंने कहा कि मैं अपनी मां से कहना चाहती हूं कि अगर वह न होतीं तो आज मैं यहां न होती। हर पल मेरा साथ देने के लिए शुक्रिया मां। इसके लिए उन्होंने अपने पापा, बहन, दोस्तों और रिश्तेदारों का भी शुक्रिया अदा किया।

- इसके बाद दीपिका ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी दौर में हम अपने आस-पास के लोगों को लेकर अपनी संवेदनाएं खोते जा रहे हैं। और यह कैंपेन मैं उन सब लोगों को डेडिकेट करना चाहती हूं जो उन कठिन पलों को हराकर सर्वाइवर के तौर पर उभरे हैं और जो अपने कठिन दौर से गुजर रहे हैं उनको भी मैं यह बताना चाहती हूं कि उम्मीद अभी बाकी है। और बाकी सबसे मैं यह कहना चाहती हूं कि हम खुद को लेकर और अपने आस-पास के लोगों को लेकर थोड़े से और संवेदनशील हो जाएं।