इस बार सपा में शिवपाल की चली, चुप रहे अखिलेश

अशोक तिवारी, लखनऊ (7 जुलाई): समाजवादी कुनबे में इस बार चाचा यानी शिवपाल यादव की चली। उनके पसंदीदा अफसर दीपक सिंघल को यूपी के मुख्य सचिव की कुर्सी पर बैठा दिया गया, वो भी 18 सीनियर अफसरों को नजरअंदाज करते हुए। अब विपक्ष ने दीपक सिंघल के बहाने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।

भले ही डॉन मुख्तार अंसारी के भाईयों को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दबाव में शिवपाल यादव को समाजवादी साइकिल से उतारना पड़ा हो, लेकिन मुख्य सचिव के मामले में चाचा शिवपाल बाजी मार ले गए। शिवपाल के करीबी दीपक सिंघल को मुख्य सचिव की कुर्सी पर बैठा दिया गया। 1982 बैच के सिंघल की छवि सूबे के तेज-तर्रार अफसरों में है। अब विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। यूपी के 18 सीनियर IAS अफसरों को सुपरसीड कर दीपक सिंघल को मुख्य सचिव की कुर्सी पर बैठाया गया।

मुख्य सचिव की रेस में:

विजय शंकर पांडेय शंकर अग्रवाल अराधना जौहरी राकेश गर्ग अनुज कुमार विश्नोई अनिल स्वरूप राजीव कुमार बलविंदर कुमार वृंदा  स्वरुप देवेंद्र चौधरी रोहित नंदन जे एस दीपक नीरज गुप्ता

जैसे अफसर थे। दीपक सिंघल प्रमुख सचिव सिंचाई जैसे अहम पद पर रहे चुके हैं। वो शिवपाल यादव के बहुत करीबी माने जाते हैं। अमर सिंह की समाजवादी पार्टी में धमाकेदार वापसी के बाद सिंघल की दावेदारी को नई ताकत मिली। दीपक सिंघल का विवादों से पुराना नाता है, लेकिन अब समाजवादी पार्टी उनकी काबलियत गिना रही है। दीपक सिंघल अखिलेश सरकार के तीसरे मुख्य सचिव हैं। यूपी में कई अहम पदों पर रह चुके हैं। सूबे के सियासी मिजाज को भी अच्छी तरह जानते हैं। शायद इसीलिए जैसे ही उनके नाम का ऐलान हुआ आनन-फानन में रात में ही जाकर चार्ज ले लिया।