रियो ओलंपिक: दीपा ने पदक तो नहीं लेकिन दिल जीत लिया

नई दिल्ली (15 अगस्त): भारतीय जिमनास्ट दीपा करमाकर भले ही वाल्ट स्पर्धा में मैडल न जीत पायी हों लेकिन उन्होंने लोगों की दिल जरूर जीत लिया। दीपा करमाकर रियो ओलंपिक में महिला वाल्ट फाइनल्स में करीब से कांस्य पदक से चूक कर चौथे स्थान पर रहीं, लेकिन फिर भी इस भारतीय जिम्नास्ट ने इतिहास रच दिया।

यह किसी भी भारतीय जिम्नास्ट का ओलंपिक इतिहास में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। तेईस वर्षीय दीपा ओलंपिक के लिये क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय महिला जिम्नास्ट बनी थी। उन्होंने औसत 15.066 अंक जुटाए जिससे वह स्विट्जरलैंड की कांस्य पदक विजेता गुईलिया स्टेनग्रुबर (15.216 अंक) से महज 0.15 अंक से चूक गई।