तमिलनाडु को दिसंबर देता है दुख!

नई दिल्ली(6 दिसंबर): दिसंबर का महीना तमिलनाडु राज्य के लिए अशुभ रहा है। राज्य को एआईएडीएमके प्रमुख जयललिता के तौर पर एक बार फिर बड़ी हस्ती को गंवाना पड़ा। इस तरह से वह उन बड़े नेताओं की लिस्ट में शुमार हो गईं, जो साल के आखिर के इस महीने में दुनिया को अलविदा कह गए। 

-जयललिता के राजनीतिक गुरु, एआईएडीएमके के संस्थापक और करिश्माई नेता एमजीआर की भी मौत दिसंबर (24 दिसंबर 1987) में हुई थी।

-एमजीआर की राजनीतिक उत्तराधिकारी जयललिता ने भी लंबी बीमारी से जूझने के बाद इसी महीने में दुनिया छोड़ दी। हैरानी की बात यह भी है कि दोनों ही नेता मौत से पहले लंबे वक्त तक बीमार रहे। 

- अन्य हस्तियों की बात करें तो भारत के आखिरी गवर्नर जनरल सी राजगोपालाचारी की मौत 25 दिसंबर 1972 को हुई थी।

- वहीं, 'पेरियार' ई वी रामास्वामी की मौत 24 दिसंबर 1972 को हुई। दोनों की उम्र 94 साल थी। 2004 में बड़े तादाद पर जानमाल के नुकसान की वजह बने सुनामी ने भी 26 दिसंबर को दस्तक दी थी। वहीं, दिसंबर 2015 में हुई भयंकर बारिश की वजह से चेन्नै, कांचीपुरम, कडलोर, तिरुवल्लोर जैसी जगहों के लोग प्रभावित हुए थे।