दशकों से निस्वार्थ सड़क के गड्डे भर रही है वृद्ध महिला

इंद्रजीत सिंह, जमशेदपुर (1 सितंबर): झारखंड से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने देश के विकास की कहानी पर हमें सोचने के लिए मजबूर कर दिया है। यहां पर एक वृद्ध महिला ने अपना पूरा जीवन टूटे सड़क के गड्डों को भरने में लगा दिया ताकि कोई एक्सीडेंट सड़क पर ना हो।

यह महिला प्रतिदिन सुबह नींद से जागकर और रात में सोने से पहले तक अकेले मिट्टी से सड़क की मरमत करती है... - यह महिला कई दशकों से बंगाल और झारखंड को जोड़ने वाली सड़क के गड्डों को बराबर करती है। - वाहन चालक जो पैसे उसे अपने ख़ुशी से देते है, उससे ही उसकी जीविका चलती है। - मंजू मंथा नाम की इस महिला का भी का अपना एक घर हुआ करता था। - एक दिन सड़क में गड्डों के कारण एक युवक की जान महिला के सामने चली गई। - उसी समय महिला ने अपने को समाज के लिए समर्पित किया। - मंजू का कहना है कि इससे जन मानस की भलाई होती है और बदले में ख़ुशी से मिलती है।

किसी ने ठीक ही कहा है कि सेवा संसार का सर्वपरि धर्म होता है। छोटे पत्थर और मिट्टी डालकर यह महिला सड़क के गड्डों को भरने की कवायद में लगी है।