ईश्वर को न मानने वालों को मिलती है ऐसी सज़ा कि रूह कांप जाये

नई दिल्ली (5 मार्च): इंटरनेशनल ह्यूमेनिस्ट एंड एथिकल यूनियन की एक रिपोर्ट मे कहा गया है कि जिस तरह से दिन बीत रहे हैं, उस तरह मानसिक सोच में परिवर्तन नहीं हो रहा है। दर्जनों ऐसे देश हैं जहां का कानून ईश्वर के अस्तित्व को न मानने वाले को मौत की सजा देता है। रिपोर्ट में चिंता व्यक्त की गयी है कि ऐसे सभी देश मुस्लिम बहुल देश हैं। हर साल जारी होने वाली रिपोर्ट फ्रीडम ऑफ थॉट्स में कहा गया है कि आज भी कम से कम 13 ऐसे देश हैं जहां पर लोगों को धर्म या ईश्वर को न मानने पर मौत की सजा दी जाती है।

इन देशों में अफगानिस्तान, इरान, मलेशिया, मालदीव, मॉरितानिया, नाइजीरिया, पाकिस्तान, कतर, सोमालिया, सूडान, संयुक्त अरब अमीरात और यमन शामिल है। पाकिस्तान को छोड़कर इन सभी देशों में जहां धर्म या ईश्वर के अस्तित्व को ना मानने पर मौत की सजा मिलती है, वहीं पाकिस्तान में ईश-निंदा (ब्लैसफेमी) पर सजा-ए-मौत दी जाती है। रिपोर्ट के अनुसार इस मामले में सबसे बेहतर देश भारत, जमैका, ऊरुग्वे, जापान, ताइवान और बेल्जियम हैं, जहां हर कोई व्यक्ति कोई भी धर्म मानने या न मानने के लिए स्वतंत्र है।