खबर गजब है, लेकिन सौ फीसदी सच है- लाश से हीरे बनाती है ये कंपनी !

नई दिल्ली (16 फरवरी):  हाल ही एक ऐसी तकनीक भी चर्चा में है, जिससे मृतकों के शरीर को हीरे में तब्दील किया जा रहा है। ऐसा अलगोरदांज़ नाम की कंपनी कर रही है। अलगोरदांज़ का हिंदी में अर्थ हैता है- यादें। अलगोरदांज़ कंपनी का कारोबार स्वीटजरलैंड, जर्मनी और आस्ट्रिया तक फैला हुआ है।

इस कंपनी के ज़रिए कोई भी अपने मृत परिजन के शरीर की राख को हीरे में बदलवाकर हमेशा के लिए अपने पास एक याद के तौर पर रख सकता है। अलगोरदांज़ कंपनी को रिनाल्डो विल्ली नाम के व्यक्ति ने बनाया है। दरअसल, रिनाल्डो विल्ली जब स्कूल में पढ़ते थे, तब उनको शिक्षक ने सब्जियों की राख को हीरे में बदलने के बारे में बताया था। तभी रिनाल्डो विल्ली के मन में आया कि जैसे सब्जियों की राख से हीरा बन सकता है, वैसे ही मृत लोगों की राख से भी बनया जाए तो कैसा रहेगा।

रिनाल्डो विल्ली ने अपने इसी आइडिया पर काम किया और मृत लोगों की राख से सिंथेटिक हीरे को बनाते हुए धीरे-धीरे अपनी कंपनी बना ली। ये कंपनी एक साल में करीब 850 मृत लोगों की राख को हीरे में बदल देती है। सिंथेटिक हीरे और असली हीरे में बहुत ही कम अंतर पाया जाता है, जिसको मोटे तौर पर कोई नहीं पहचान पाता है। रिनाल्डो विल्ली के जरिए विकसित की गई तकनीक के ज़रिए अब बहुत से लोग अपने मृत परिजन की राख को एक हीरे के तौर पर रखने के इच्छुक हैं।