18 घंटे तक नहीं आई एम्बुलेंस तो रिक्शे में पहुंचाया शव

राज प्रकाश, रायगढ़ (15 सितंबर): कुछ दिनों पूर्व ही ओडिसा के कालाहांडी में हुई घटना से भी सरकारें सबक लेती हुई नहीं दिख रही है। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में पोस्ट मार्टम के लिए 18 घंटों तक एंबुलेंस का इंतजार करने के बाद शव को रिक्शे से अस्पताल पहुंचाया गया।

दरअसल आकाशीय बिजली की चपेट में आने हुई मौत के बाद पोस्टमार्टम हेतु ले जाने के लिए एम्बुलेंस को सुचना दी गई। एम्बुलेंस 18 घंटों के इंतजार के बाद भी नहीं पहुंची तो परिजन शव को कपड़े में बांधकर रिक्शे में घरघोड़ा अस्पताल ले गए। घरघोड़ा पुलिस ने ने भी किसान के शव को घटना स्थल से अस्पताल लाने को लेकर हाथ खड़े कर दिए।

परिजनों ने बताया कि गाड़ी के लिए उनके द्वारा पुलिस व स्वास्थ्य विभाग को बार-बार फोन भी किया गया था। उसके बावजूद भी कोई पहल नहीं की गई। मीडिया ने जब इस मामले की जांच की तो गाड़ी से शव को भेजने की घरघोड़ा पुलिस की झूठी दलील का पोल खुली। जिसने ओडिशा के दानामांझी की याद ताजा कर दी।

घरघोड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम भेंड्रा में 40 वर्षीय किसान रामलाल राठिया खेत में काम करने के दौरान आकाशीय बिजली का शिकार हो गया। परिजनों ने मामले की सूचना स्थानीय पुलिस को दी। जहां से एएसआई जेके वर्मा व अन्य स्टॉफ घटना स्थल व शव का निरीक्षण किया। उसके बाद शव को अस्पताल ले जाने की नसीहत दे डाली।

पोस्टमार्टम के लिए शव को अस्पताल ले जाने के लिए गाड़ी की जरुरत को पीडि़त परिजनों द्वारा पुलिस के साथ स्वास्थ्य विभाग की 108 व अन्य सेवाओं को फोन किया गया। 108 ने अपने गाइड लाइन का हवाला देते हुए शव को ढ़ोने से इंकार कर दिया।