गुजरात के गिर में शेरनी का सड़ा-गला शव मिलने से मचा हड़कंप

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (6 दिसंबर): गुजरात के गिर जिले के तलाला रेंज में गुरुवार को और एक शेरनी का शव मिला है। उसके तीन बच्चे भी गायब हैं। आंबलाश गांव के किसान खीमाभाई मेणसीभाई भोला ने खेत में शेरनी का शव होने की सूचना तालाला रेंज के वनकर्मियों दी थी। इसके बाद वनकर्मियों का काफिला पहुंचा।

वन विभाग ने बताया कि शेरनी अपने बच्चों के ग्रुप के साथ घूमती थी। अरहर के खेत में शेरनी शव छिन्न-भिन्न अवस्था में पड़ा था। शायद दो दिन पहले ही उसकी मौत हो गई थी। उसके बच्चे भी गायब थे। इसकी सूचना मिलते ही तलाल एसीएफ और आरएफओ भी घटना स्थल पर पहुंच गए। उन्होंने बताया कि प्राथमिक जांच में शेरनी की मौत प्रकृतिक रूप से होने का अनुमान लगाया जा रहा है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों पता चलेगा। शेरनी अपने तीन बच्चों के ग्रुप के साथ घूमती थी, लेकिन घटनास्थल के आसपास के क्षेत्रों में तीन बच्चों नहीं मिले है। शेरनी के बच्चों की खोचने के लिए तीन-अलग-अलग टीम बनाकर जंगल में सर्च किया जा रहा है।

गौरतलब है कि पिछले तीन महीने में यहां 31 से अधिक शेरों की मौत हुई है। गुजरात की पहचान माने जाते एशियाई शेरों की इस तरह मौत होने से उनकी सुरक्षा पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। गुजरात के वन एवं पर्यावरण मंत्री गणपत वासावा ने एक वेबसाइट को बताया था, 'नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ वायरॉलजी पुणे की शुरुआती रिपोर्ट में चार शेरों में घातक वायरस सीडीवी की पुष्टि हुई है। हम दूसरे शेरों में संभावित सीडीवी पाए जाने की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।' वायरस के फैलने के बाद एहतियात के तौर पर वन विभाग ने सेमरडी इलाके के पास सरसिया से 31 शेरों को हटाकर जामवाला रेस्क्यू सेंटर में शिफ्ट किया गया था।बता दें कि कैनाइन डिस्टेम्पर विषाणु से फैलने वाली संक्रामक बीमारी है जिससे तमाम तरह की पशु प्रजातियां प्रभावित होती हैं। यह जानलेवा वायरस कुत्तों से जंगली जानवरों में फैलता है। इस बीमारी से पशु की श्वसन प्रणाली, आंतें और तंत्रिका तंत्र प्रभावित होता है। इस वायरस ने ही तंजानिया के सेरेंगेटी रिजर्व में 1994 के दौरान 1000 शेरों की जान लेकर पूरी दुनिया को हिला दिया था।