नशे के आदि बेटे की मौत के बाद पिता ने कफ़न में पीएम को संदेश भेजा

तरन तारन (16 जून) :  पंजाब के तरन तारन ज़िले के पट्टी कस्बे में एक शख्स नशे की समस्या के ख़िलाफ़ अनूठा प्रदर्शन कर रहा है। मुख्तार सिंह नाम का ये शख्स उस कफ़न को ओढ़ कर विरोध जता रहा है जो उसने अपने 28 वर्षीय बेटे की मौत के वक्त ही सिलवाया था। 47 वर्षीय मुख्तार सिंह के बेटे की 26 मार्च को मौत हो गई थी। मंजीत बीए पास था लेकिन नौकरी नहीं मिलने की वजह से हेरोइन के नशे का आदि हो गया था।

अब जब भी किसी ड्रग एडिक्ट की मौत होती है तो मुख्तार सिंह सब  डिवीज़नल मजिस्ट्रेट (SDM) के दफ्तर जाकर ज़ोर डालते हैं कि आधिकारिक तौर पर मौत का कारण ड्रग बताया जाए।मुख्तार सिंह के मुताबिक नगर पालिकाएं मौत के लिए सिगरेट, बीड़ी, हुक्का, शराब और प्रेग्नेंसी सब वजह बता सकती हैं, लेकिन कभी ड्रग्स (नशीली दवाओं) का उल्लेख नहीं करतीं।  

मुख्तार सिंह का कहना है कि पंजाब में ड्रग्स की लत की वजह से मरने वाले लोगों की वास्तविक संख्या का पता नहीं लग पाता क्योंकि मृत्यु प्रमाणपत्र में मौत का सही कारण ही नहीं बताया जाता। अपने जवान बेटे की मौत के बाद मुख्तार सिंह ने इस स्थिति को बदलने का बीड़ा उठाया है और अभियान छेड़ रखा है।

मुख्तार सिंह ने कहा कि जब वो बेटे की मौत का प्रमाणपत्र लेने नगर पालिका गए तो उन्होंने बहुत दबाव देकर अर्ज़ी में बेटे की मौत की वजह के लिए अलग से 'हेरोइन, स्मैक इंजेक्शन' लिखवाया था। मुख्तार सिंह ने कहा कि कौन पिता ऐसा मंजर देखना चाहेगा। वो ये भी मानने को तैयार नहीं थे कि मेरे बेटे की मौत ड्रग्स की वजह से हुई। मुख्तार सिंह ने कहा कि अब उनकी जंग शुरू हो चुकी है और ये दिल्ली तक पहुंचेगी।

पंजाब स्टेट पॉवर कॉरपोरेशन में लाइनमैन मुख्तार सिंह का कहना है- 'कफन बोल पया, नशा बजाओ, पुत्त बचाओ' (कफन बोल उठा, नशा भगाओ, बेटा बचाओ)। मुख्तार सिंह ने 26 मार्च को अपने बेटे की मौत के बाद दो कफ़न सिलवाए थे और उन पर ऊपर वाला स्लोगन ही पेंट करा दिया। मुख्तार सिंह ने फिर कफ़न पर ही प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर पंजाब के युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने के लिए गुहार लगाई। मुख्तार सिंह ने पंजाब सरकार की ओर से इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाने की शिकायत भी की।