दिल्ली: चिल्ड्रन होम में बच्चियों के साथ अमानवीय व्यवहार, महिला आयोग ने कराई FIR

नई दिल्ली ( 2 मई ): निर्मल छाया कॉम्पलेक्स स्थित चिल्ड्रन होम में रहने वाली लड़कियों ने अपनी शिकायत में होम में होने वाले अमानवीय व्‍यवहार का चौंकाने वाला खुलासा किया है। लड़कियों का कहना है कि उनके शरीर के अंगों को बड़ा करने के लिए जबर्दस्ती इंजेक्शन दिए जाते हैं।


इतना ही नहीं उन्होंने शिकायत की कि उनके पीरियड(मासिक चक्र) का पता लगाने के लिए उनके कपड़े उतरवाये जाते हैं। उसके बाद ही उन्हें सेनेटरी पैड दिए जाते हैं। पांच साल की बच्चियों ने उनके साथ होने वाली मारपीट की शिकायत भी की है।


ये शिकायत लड़कियों ने दिल्‍ली महिला आयोग की अध्‍यक्ष स्‍वाति मालीवाल से की है। स्‍वाति होम में औचक निरीक्षण के लिए गईं थीं। जहां लड़कियों ने उनके साथ हो रहे इस अमानवीय बर्ताव के बारे में बताया। आयोग की अध्‍यक्ष ने इस संबंध में होम संचालकों के खिलाफ हरि नगर पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं डब्‍ल्‍यूसीडी विभाग को समन भी किया है।


स्‍वाति ने बताया कि उन्‍होंने होम की 32 लड़कियों से बात की। करीब 10 घंटे तक होम में रहने के बाद उन्‍हें मानवाधिकारों के उल्‍ल्‍ंघन और अमानवीयता की जानकारी मिली। होम में अक्‍सर लड़कियों को पीटा जाता है।


मालीवाल ने निरीक्षण के दौरान पाया कि 140 लड़कियों का खाना बनाने के लिए सिर्फ एक रसोइया रखा गया है। यह भी पाया गया कि कई बच्चियां खाना खुद बना रही हैं। स्वाति का आरोप है कि एक बार निरीक्षण के बाद दोबारा औचक निरीक्षण करने की कोशिश की कि अब भी लड़कियों के साथ मारपीट बंद हुई या नहीं, लेकिन उन्हें व उनकी टीम को दोबारा चिल्ड्रन होम में जाने से रोकने का प्रयास किया गया।


पुलिस ने आईपीसी के सेक्शन 323/326/506/120बी व जेजे एक्ट के सेक्शन 75 के तहत एफआईआर दर्ज की है। वहीं इस मामले में डिप्टी सीएम ने आरोपी स्टाफ के ट्रांसफर के आर्डर और होम के सुपरिएंटेंडेंट सहित छह स्टाफ के खिलाफ कार्यवाही के आदेश दिए है। लेकिन अभी तक आरोपी होम में काम कर रहे हैं। ऐेसे में आयोग ने दिल्‍ली पुलिस से इस मामले की जल्‍द से जल्‍द जांच करने की मांग की है।