उत्कल एक्सप्रेस हादसे के बाद एक और हादसा होने से बचा


नई दिल्ली (21 अगस्त): रविवार को एक बार फिर बड़ा रेल हादसा होने से बच गया। टूंडला से दिल्ली जा रही टूंडला-अलीगढ़-दिल्ली पैसेंजर ट्रेन के कोच में दो बार धुआं उठने की सूचना से अधिकारियों में हड़कंप मच गया। गेटमैन की सूचना पर ट्रेन को दिल्ली रेलखंड के चमरौला रेलवे स्टेशन पर रोकने के बाद रद्द कर दिया गया।
रेल प्रशासन ने ट्रेन में सवार यात्रियों को टूंडला से डेढ़ घंटे बाद पहुंची दूसरी पैसेंजर ट्रेन में बैठा कर रवाना किया। तब जाकर रेल अधिकारियों और यात्रियों ने राहत की संास ली। गनीमत रही कि यात्रियों ने चलती ट्रेन में धुआं निकलते नही देखा वर्ना कोच में भगदढ़ मचने और यात्रियों के गिरने से कई जाने जा सकतीं थीं।

टूंडला से सुबह 6.30 बजे रवाना हुई टूंडला-अलीगढ़-दिल्ली पैसेंजर ने जैसे ही बरहन रेलवे स्टेशन पार किया तो गेट्र्रमैन ने एक कोच से धुआं निकलते देख मुख्य नियंत्रण कक्ष को सूचना दी। नियंत्रण कक्ष ने तुरंत चालक को ट्रेन रोक कर चेक करने के निर्देश दिए गए। चालक ने ट्रेन रोककर चेक किया और कोच के चक्कों में आई तकनीकी खराबी को ठीक कर चालक ट्रेन लेकर चल दिया।

इसके बाद ट्रेन जब चमरौला रेलवे स्टेशन पर पहुंची तो एक बार फिर कोच से धुंआ निकलता देख गेटमैन ने मुख्य नियंत्रण कक्ष को जानकारी दी। जिस पर ट्रेन को वहीं रोकने के बाद रेल प्रशासन ने आठ बजे रद्द कर दिया।

बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में शनिवार (19 अगस्त) की शाम एक बड़ा ट्रेन हादसा हुआ। कलिंगा-उत्कल एक्सप्रेस के पटरी से उतरने पर 23 लोगों की मौत हो गई। वहीं 156 के ज्यादा लोग घायल हो गए।