'दाऊद के निशाने पर चर्च, धार्मिक नेता और मोदी सरकार'

नई दिल्ली (6 मई): दाऊद इब्राहीम ने गुजरात के दो बड़े नेता शिरीश बंगाली और प्रग्नेश मिस्त्री की हत्या करवाने के बाद देश भर में दंगे भड़काने की साजिश रची थी। इस बात का खुलासा एनआईए ने किया है। एनआईए ने कहा है कि दाऊद ने मोदी सरकार के बनते ही बड़े ही शातिराना ढंग से अपने गुर्गों को सक्रिय कर दिया था। दाऊद के निशाने पर बीजेपी-आरएसएस और कुछ धार्मिक नेता थे। इसके अलावा वो देश के गिरजाघरों को भी निशाना बनाना चाहते थे।

 एनआईए जल्दी ही दाऊद के इन गुर्गों के खिलाफ चार्जशीट फाइल करेगी। एक बड़ी साजिश के तहत दाऊद ने भाड़े के हत्यारों से  2 नवंबर 2015 को गुजरात में दो दक्षिणपंथी नेता शिरीष बंगाली और प्रग्नेश मिस्त्री की हत्या करवा दी थी। इन हत्यारों ने एनआईए को बताया कि याकूब मेमन की फांसी का बदला लेने के लिए दाऊद ने उन्हें इन हत्याओं को जिम्मा दिया था। इस हत्याकाण्ड में जावेद चिकना और साउथ अफ्रीका मूल के जाहिद मियां का भी हाथ था। एनआईए ने हाल ही में पाकिस्तान में मौजूद चिकना को पकडऩे और भारत लाने के लिए इंटरपोल से मदद मांगी है।

इसके अलावा भारत ने पाकिस्तान, नेपाल, साउथ अफ्रीका, सऊदी अरब,यूएई और अमेरिका को जुडिशल रिक्वेस्ट भी भेजी थीं। सूत्रों ने कहा है कि एनआईए अपनी चार्जशीट में दाऊद के दस गुर्गों के नाम शामिल करेगी। इसमें से सात हाजी पटेल, मोहम्मद यूनुस शेख, अब्दुल सामद, आबिद पटेल, मोहम्मद अल्ताफ, मोहसिन खान और निसान अहमद पिछले साल पकड़े गये थे।