दारुल उलूम ने जारी किया फतवा, मुसलमान नहीं बोल सकते 'भारत माता की जय'

नई दिल्ली(1 अप्रैल): दारुल उलूम ने भारत माता की जय बोलने के मसले पर गुरुवार को फतवा जारी किया। दारुल उलूम ने कहा कि जिस तरह वंदे मातरम नहीं बोल सकते इसी तरह भारत माता की जय भी नहीं बोल सकते।

दारूल उलूम देवबंद ने कहा कि इंसान ही इंसान को जन्म दे सकता है, तो धरती मां कैसे हो सकती है। संस्था ने ये भी कहा कि मुसलमान अल्लाह के अलावा किसी की पूजा नहीं कर सकता तो भारत को देवी कैसे माने। फ़तवे में कहा गया है कि मुसलमानों को खुद को इस नारे से अलग कर लेना चाहिए, कई मुफ़्तियों की खंडपीठ ने ये फ़तवा दिया है। 

दारूल उलूम ने क्यों जारी किया फतवा

एआईएमआईएम के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी द्वारा भारत माता की जय न बोलने संबंधी बयान दिए जाने के बाद से देशभर में छिड़ी बहस पर दारुल उलूम का रुख जानने को हजारों खत आए। लोगों ने पूछा कि क्या मुसलमान भारत माता की जय के नारे लगा सकता है? इस के जवाब में दारुल उलूम ने फतवा जारी किया है।

दारूल उलूम प्रवक्ता अशरफ उस्मानी ने कहा कि भारत को मूर्ति की शक्ल देकर उसकी जय करने की बात आ रही है, उस पर देवबंद ने फतवा दिया है कि भारत माता की जय बोलना इस्लाम में नहीं आया है, इसलिए हम ये नही बोलेंगे। जहां तक वतन से मोहब्बत का सवाल है तो हम अपने वतन से मोहब्बत करते हैं और हिंदुस्तान ज़िंदाबाद का नारा लगा सकते हैं लेकिन भारत को मूर्ति मानकर जय नहीं बोल सकते।