दारुल उलूम का फतवाः गौमूत्र से बने प्रोडक्ट्स का उपयोग न करें मुस्लिम

नई दिल्ली(23 अगस्त): अपने फतवों के चर्चा में रहने वाले दारुल उलूम ने इस बार बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि के प्रोडक्ट्स पर सवाल खड़े कर दिए हैं। दारुल उलूम के दारुल इफ्ता के मुफ्तियों द्वारा दिए गए फतवे में गौमूत्र मिले पतंजलि के प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल को इस्लाम में नाजायज बताया गया है। उलेमा व मुफ्तियों ने भी गौमूत्र मिले प्रोडक्ट्स के इस्तेमाल से मुस्लिम समाज को परहेज रखने को कहा है।

विश्व प्रसिद्ध इस्लामी तालीमी इदारे दारुल उलूम के मुफ्तियों की खंडपीठ ने एक व्यक्ति द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में गौमूत्र मिले पतंजलि के प्रोडक्ट्स को नाजायज बताया है। फतवे में यह भी कहा गया कि पतंजलि के जिन उत्पादों में गोमूत्र मिला न होने का पुख्ता प्रमाण हो तो ऐसे में उस उत्पाद का उपयोग किया जा सकता है, लेकिन अगर सही जानकारी नहीं है तो ऐसी किसी भी चीज का इस्तेमाल सावधानीपूर्वक करना ज्यादा बेहतर होगा।

पतंजलि के प्रोडक्ट्स के संबंध में दिए गए उक्त फतवे पर आन मोबाइल सर्विस के चेयरमैन मुफ्ती अरशद फारूकी ने कहा कि गौमूत्र यानी गाय का पेशाब मिलाए जाने वाले उत्पाद का इस्तेमाल मुसलमानों के लिए पूरी तरह नाजायज है। उन्होंने यह भी कहा कि जो कंपनी अपने उत्पादों में गौमूत्र मिश्रित करती है तो उस कंपनी के बारे में यह कैसे साबित किया जा सकेगा कि वह अपने कुछ उत्पादों में गौमूत्र का इस्तेमाल नहीं कर रही है। ऐसे में बेहतर यह है कि ऐसी कंपनी के उत्पादों की खरीद से पूरी तरह परहेज किया जाए।