सऊदी अरब में फैली सनसनी, एक महिला ने मौलानाओं के खिलाफ खोला मोर्चा

नई दिल्ली (9 नवंबर): जेद्दा की रहने वाली सोआद अल शैमरी सऊदी अरब के मौलानाओं के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है। धार्मिक कट्टर सऊदी अरब में धार्मिक मामलों के खिलाफ बात करने का मतलब मौत होता है, लेकिन,  इस्लामिक कानून में स्नातक की डिग्रीधारी अल शैमरी ने ऐसा दुस्साहस किया है जिसे करना तो दूर लोग सोचना भी नहीं चाहते। अल शेमरी नाम की यह महिला 6 बच्चों की मां है। 42 साल की शैमरी के लिए ऐसी बेबाक टिप्पणी लिखना कोई नई बात नहीं है। वह महिला अधिकारों की मांग करने वाली उदारवादी कार्यकर्ता हैं।

शैमरी अक्सर ही अऊदी अरब की शक्तिशाली धार्मिक सत्ता को चुनौती देती रहती हैं। ऐसा नहीं है कि उन्हें ये सब करने से कोई रोकता नहीं है, शैमरी को इन सबकी वजह से काफी कुछ झेलना पड़ा है। लोगों को भड़काने के लिए उन्हें तीन महीने की जेल भी हो चुकी है। वहीं उनके अपने पिता सार्वजनिक रूप से उन्हें अपनी बेटी स्वीकार करने के इनकार कर चुके हैं। शैमरी ने कुछ मर्दों की दाढ़ी की फोटो खींचीं। इन लोगों में एक परम्परावादी यहूदी, एक हिप्पी, एक कम्युनिस्ट, एक तुर्की खलीफा, एक सिख तथा एक मुस्लिम था। इसके साथ उन्होंने लिखा कि सिर्फ दाढ़ी भर रख लेने से कोई इंसान पाक साथ और मुस्लिम नहीं हो जाता। उन्होंने कहा कि पैगमंबर मोहम्मद के समय में इस्लाम के आलोचकों में से एक की दाढ़ी पैगंबर से भी लंबी थी।