ICJ के न्‍यायाधीश के लिए आज वोटिंग,  भारत को भंडारी की जीत की उम्मीद

नई दिल्ली (29 नवंबर): अंतर्राष्ट्रीय मंच पर आज भारत के लिए बेहद अहम दिन है। आज अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय  यानी ICJ के न्‍यायाधीश के लिए हेग में महत्वपूर्ण चुनाव होना है और पूरी दुनिया की नजर भारतीय उम्मीदवार दलवीर भंडारी पर टीकी है। अगर दलवीर भंडारी चुने जाते हैं तो वह लगातार दूसरी बार इस पद पर आएंगे। 

दलवीर भंडारी का मुकाबला ब्रिटेन के क्रिस्टोफर ग्रीनवुड है। हालांकि भंडारी को 193 सदस्यों वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा में दो तिहाई बहुमत मिला है जबकि क्रिस्टोफर ग्रीनवुड के समर्थन में सिर्फ 62 ही सदस्य हैं। लेकिन सुरक्षा परिषद में ग्रीनवुड को 9 वोट मिले हैं जबकि भंडारी 6 ही वोट हासिल कर पाए हैं।

ICJ के नियमों के मुताबिक किसी भी प्रतियोगी को जज नियुक्त होने के लिए महासभा और सुरक्षा परिषद दोनों में ही बहुमत हासिल करना पड़ता है। दूसरी तरफ, ब्रिटेन इस पर आज होने वाले मतदान को टालने की पूरी कोशिश में जुटा है। लेकिन संयुक्त राष्ट्र में मिल रहे सदस्यों के भारी समर्थन को देखते हुए भारत भी ब्रिटेन की कोशिशों को कामयाब नहीं होने देने के लिए तैयार है।

यह चुनाव इसलिए भी अहम है क्योंकि परंपरागत रूप से सुरक्षा परिषद के पांचों सदस्यों के न्यायाधीशों का अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय के लिए निर्वाचन होता रहा है। लेकिन इस बार ब्रिटेन के लिए प्रतिष्ठा का सवाल है कि उसका उम्मीदवार गैर-स्थायी देश के उम्मीदवार के साथ मुकाबले में संघर्ष कर रहा है।

दलवीर भंडारी का जन्म एक अक्टूबर 1947 को हुआ था और वह सुप्रीम कोर्ट में बतौर जज रह चुके हैं। राजस्थान हाई कोर्ट से 1968 से वकालत का सफर शुरू करने वाले दलवीर 1991 में दिल्ली हाई कोर्ट में जज बने। दलवीर 25 जुलाई 2004 को बॉम्बे हाई कोर्ट और फिर 20 अक्टूबर 2005 में सुप्रीम कोर्ट में जज बने।

भारत सरकार ने जनवरी-2012 में दलवीर को ICJ कि लिए उम्मीदवार बनाया। वह फिलिपींस के फ्लोरेंटिनो फेलिसियानो को हराकर ICJ के जज के तौर पर नियुक्त हुए। पाकिस्तान की जेल में बंद और फांसी की सजा पा चुके कुलभूषण जाधव के मामले की सुनवाई वाली पीठ में दलवीर भी शामिल रहे। इस पीठ ने पाकिस्तान से मामले में अंतिम फैसला आने तक कथित जासूस कुलभूषण जाधव को फांसी न देने का आदेश दिया था। साथ ही आदेश को मानने को लेकर उठाए गए कदमों से अदालत को अवगत कराने को कहा था। इस फैसले को ICJ के 11 सदस्यीय पीठ ने सुनाया था और इसमें दलबीर भंडारी भी शामिल थे।