IIMC के दलित छात्रों ने की 'जातिवादी टिप्पणी' की शिकायत, जांच के आदेश

नई दिल्ली (5 फरवरी): प्रतिष्ठित इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्यूनिकेशन (आईआईएमसी) के एक छात्र की फेसबुक पोस्ट पर कथित तौर पर दलित और आदिवासियों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस तरह के आरोपों की सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने जांच कराने के आदेश दिए हैं। 

'इंडियन एक्सप्रेस' की रिपोर्ट के मुताबिक, जब आईआईएमसी अधिकारियों से कुछ छात्रों ने मामले को उठाया। इसके बाद अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजातिओं के साथ एक औपचारिक याचिका के जरिए संपर्क किया है। मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया, "यह मामला मंगलवार को आईआईएमसी अधिकारी के जरिए नोटिस में लाया गया। ज्वाइंट सेक्रेटरी मिहिर कुमार सिंह, जो आईआईएमसी के एडमिनिस्ट्रेटिव ज्वाइंट सेक्रेटरी भी हैं, उनसे इस मामले में जांच के लिए कहा गया है। साथ ही 10 फरवरी तक मंत्रालय को रिपोर्ट देने के लिए भी कहा है।"

राष्ट्रीय आयोग को की गई शिकायत में संस्थान में अंग्रेजी पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले छात्र प्रशांत कनौजिया ने साथी छात्र पर अपमानजनक टिप्पणियों का आरोप लगाया। जिसके लिए उसने कहा कि इस वजह से दलितों और आदिवासियों के लिए "बड़ा संकट" पैदा हो गया है। कनौजिया ने बताया, "इन फेसबुक पोस्ट्स में दलितों का अपमान किया गया था। इसके बाद कई छात्र इन अपमानजनक पोस्ट्स का समर्थन करने लगे। हमने आईआईएमसी अधिकारियों के साथ शिकायत दर्ज कराई, लेकिन एहसास हुआ कि इंस्टीट्यूट में इस तरह के मामले से निपटने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।"