दलित छात्रों ने मांग हक, मिली लाठियां...

पटना (3 अगस्त): नीतीश कुमार के सुशासन में दलित छात्रों को अपना हक मांगने पर पुलिस की लाठियों खानी पड़ी। पटना में स्कॉलरशिप घोटाले के विरोध में दलित छात्र विरोध कर रहे थे, जिनपर पुलिस ने ला‍ठियां भांज दी।

आपको बता दें कि बिहार में एससी-एसटी और ओबीसी विद्यार्थियों की प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति में जमकर घोटाला हुआ है। इस घोटले में रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं...

- इन घोटालों में चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि स्कूल व बच्चे तो पटना जिले के हैं लेकिन बैंकों के ब्रांच नागपुर तक के मिले हैं।

- इस घोटाले में अफसरों और बाबुओं ने छात्रवृत्ति की राशि की बंदरबांट करने के लिए न सिर्फ फर्जी स्कूल और गांवों को खड़ा किया, बल्कि जाली एकाउंट बना कर व्यक्तिगत खाते में भी पैसे डलवा लिए। - स्कूलों के खाते शिक्षा समिति के नाम से न होकर व्यक्तिगत हैं और अधिकतर खाते बताए गए स्थान के बैंक के नहीं हैं। - छात्रवृत्ति की राशि विद्यालय शिक्षा समिति के खाते के बजाय गलत एकाउंट में डालकर व्यक्तिगत खाते में ट्रांसफर किया गया।

वित्तीय वर्ष 2014-15 का है मामला:

पिछड़ा/ अति पिछड़ा वर्ग के कक्षा एक से 10 के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति बांटनी थी। इसके लिए जिला कल्याण पदाधिकारी ने आईडीबीआई बैंक को राशि उपलब्ध करायी थी। राशि का हस्तांतरण विद्यालय शिक्षा समिति और विद्यालय प्रबंधन समिति के खाते में आरटीजीएस-एनईएफटी के माध्यम से होना था।

48 लाख रुपए की हो चुकी है निकासी:

वित्तीय वर्ष 2014-15 में करीब 48 लाख की छात्रवृत्ति राशि की निकासी की जा चुकी है। फिलहाल पता नहीं चल पाया है कि इसमें कितनी राशि सही लोगों के हाथ में गई और कितना फर्जी तरीके से निकाला गया है। अभी इसकी जांच की जा रही है। सूत्रों की मानें तो इस घोटाले में बड़े पैमाने पर जिला शिक्षा कार्यालय और जिला कल्याण शाखा के कर्मियों की मिलीभगत है।