NEET के खिलाफ लड़ने वाली लड़की ने की आत्महत्या

नई दिल्ली(2 सितंबर): मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन के लिए होने वाले एग्जाम नीट के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में बहस करने वाली तमिलनाडु की दलित लड़की अनीता ने आत्महत्या कर ली है। 

-एमबीबीएस कोर्स में दाखिला न मिलने से वह डिप्रेशन में थी। 

- 17 साल की अनीता अरियालुर जिले के कुझुमुर गांव की रहने वाली थी। उसने अपने घर में फांसी लगा ली। अनीता के पिता दिहाड़ी मजदूर हैं। 

- अनीता ने 12वीं की पढ़ाई तमिलनाडु स्टेट बोर्ड से की थी। उसके इस एग्जाम में 98 पर्सेंट नंबर आए थे। पिछले साल तक तमिलनाडु के मेडिकल कॉलेजों में ऐडमिशन 12वीं के नंबरों के आधार पर मिलता था। यानी यही नियम जारी रहता तो अनीता को मेडिकल कोर्स में ऐडमिशन आसानी से मिल जाता। लेकिन इस बार सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु को नीट के तहत एग्जाम और काउंसिलिंग करने का आदेश दिया। 

- केंद्र सरकार भी यही चाहती थी। नीट एग्जाम में अनीता को केवल 86 नंबर मिले। ऐसे में उसे एमबीबीएस कोर्स में दाखिला नहीं मिल पाया। इस कारण वह डिप्रेशन में थी। 

- बता दें कि तमिलनाडु ने इस साल राष्ट्रीय पात्रता एवं प्रवेश परीक्षा (NEET) से राज्य को बाहर रखने के लिए अधिसूचना जारी की थी। इसके बाद केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि तमिलनाडु द्वारा हाल ही में जारी अधिसूचना का वह समर्थन नहीं करता है।