50 साल बाद दलितों को मिला इस मंदिर में पूजा का अधिकार

नई दिल्ली(7 अगस्त): उत्तर प्रदेश के बरेली ज़िले की तहसील बहेड़ी के बुझिया गांव में दलित समाज के लोगों को कई दशकों के बाद मंदिर में पूजा करने का अधिकार मिला है। राजपूत बहुल इस गांव में शिव जी का एक मात्र मंदिर है जंहा श्रद्धालु जल चढ़ाकर भगवान भोले की पूजा करते है।

क्या है पूरा विवाद...

- पिछले 50 सालों से इस मंदिर में दलितों ने कभी पूजा पाठ नहीं किया। जब भी दलित समाज के लोगो ने मंदिर में पूजा पाठ करना चाहा, तो स्वर्ण समाज के लोग उन्हें मंदिर में घुसने से रोक दिया गया।

- बरेली जिला मुख्यालय से लगभग 70 किलोमीटर दूर बहेड़ी तहसील में एक गाँव है बुझिया, जहाँ पर बने भगवान् भोलेनाथ के मंदिर में पिछले 50 सालों से कभी किसी दलित को पूजा पाठ नहीं किया, ना ही कभी सावन में जलाभिषेक किया।

- वहीं कुछ ठेकेदारों से जिन्होंने भगवान के मंदिर पर भी कब्जा जमा रखा है।

- इन लोगो का कहना है कि ये मंदिर लगभग पचास साल पहले चौधरी रंजीत सिंह ने अपनी निजी जमीं पर इसका निर्माण कराया था। जिसमे उन्हीं का परिवार पूजापाठ किया करता था उनके बाद यह प्रथा दलितों पर लागू हो गयी अब इस मंदिर में बर्षो से गॉव के दलित समाज को छोड़ कर सभी पूजा पाठ करते है।

- इन लोगो का मानना है कि जो पुरानी प्रथा चली आ रही है वही चलने दी जायेगी। किसी भी नई प्रथा को शुरू नहीं होने दिया जाएगा।

- इस मामले में दलित समुदाय के लोगो ने पुलिस से शिकायत की जिसके बाद अधिकारियो ने दोनों पक्षों के लोगो को बुलाकर मामला शांत करवा दिया।

- लेकिन उसके बावजूद दलितों को मंदिर में पूजा पाठ नहीं करने दिया जा रहा है।

- पुलिस का कहना है कि अगर दलित समाज की तरफ से कोई तहरीर मिलती है तो कार्यवाही की जायेगी।

- गौरतलब है कि ये मंदिर 50 साल पहले चौधरी रंजीत सिंह ने अपनी निजी जमीन पर बनबाया था।

- हालांकि की चौधरी रंजीत सिंह अब इस दुनिया में नहीं है। लेकिन गाँव के सवर्ण समाज के लोग बहुसंख्यक है जिस वजह से दलित समाज के लोगो को वहां डर के रहना होता है।