SAvsPAK: फखर जमान को आउट कर डेल स्टेन ने रचा नया इतिहास


न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (26 दिसंबर): पाकिस्तान के खिलाफ पहले टेस्ट के पहले दिन, मैच शुरू होने के कुछ पल बाद ही डेल स्टेन ने वो कर दिखाया जो आज तक दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट इतिहास में किसी ने नहीं किया। अब वो महान पूर्व दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ी शॉन पोलाक को पीछे छोड़ते हुए दक्षिण अफ्रीकी टेस्ट इतिहास के सबसे सफल टेस्ट गेंदबाज बन गए हैं। डेल स्टेन ने कि अंदाज में ये सफलता हासिल की और अब किस खिलाड़ी के रिकॉर्ड पर होगी उनकी नजर, आइए जानते हैं।



सेंचुरियन टेस्ट मैच के शुरू होते ही सातवें ओवर की पहली गेंद पर डेल स्टेन ने दिग्गज पाकिस्तानी ओपनर फखर जमान को आउट करके वो एक विकेट ले लिया। ये स्टेन का 422वां टेस्ट विकेट था जिसके साथ ही वो दक्षिण अफ्रीकी टेस्ट इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले पूर्व महान खिलाड़ी शॉन पोलाक (421 विकेट) से आगे निकल गए। डेल स्टेन ने अपने टेस्ट करियर के 89वें मैच में ये इतिहास रचा है जबकि पोलाक ने 108 मैचों में 421 विकेट झटके थे। डेल स्टेन ने इसी साल जुलाई में श्रीलंका के खिलाफ गॉल क्रिकेट मैदान पर पोलाक की बराबरी की थी और अब जाकर साल खत्म होने से ठीक पहले डेल स्टेन ने आखिरकार वो एक विकेट हासिल कर ही लिया।





अब डेल स्टेन विश्व टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले खिलाड़ियों की सूची में 11वें नंबर पर पहुंच गए हैं। उन्हें टॉप-10 में एंट्री हासिल करने के लिए 10वें स्थान पर मौजूद न्यूजीलैंड के महान पूर्व खिलाड़ी रिचर्ड हेडली (431 विकेट) को पीछे छोड़ना होगा। ये हैं टेस्ट क्रिकेट इतिहास के टॉप-11 गेंदबाज..



  1. मुथैया मुरलीथरन (श्रीलंका) - 800 विकेट
  2. शेन वॉर्न (ऑस्ट्रेलिया) - 708 विकेट
  3. अनिल कुंबले (भारत) - 619 विकेट
  4. जेम्स एंडरसन (इंग्लैंड) - 565 विकेट
  5. ग्लेन मैकग्रा (ऑस्ट्रेलिया) - 563 विकेट
  6. कॉर्टनी वॉल्श (वेस्टइंडीज) - 519 विकेट
  7. कपिल देव (भारत) - 434 विकेट
  8. रंगना हेराथ (श्रीलंका) - 433 विकेट (93 मैचों में)
  9. स्टुअर्ट ब्रॉड (इंग्लैंड) - 433 विकेट (124 मैचों में)
  10. रिचर्ड हेडली (न्यूजीलैंड) - 431
  11. डेल स्टेन (साउथ अफ्रीका) - 422 विकेट*


इस लिस्ट में अनिल कुंबले और कपिल देव के रूप में दो भारतीय गेंदबाजों के नाम शामिल हैं जबकि 13वें नंबर पर हरभजन सिंह (417 विकेट) भी स्टेन व पोलाक के आंकड़ों के बेहद करीब थे लेकिन अगस्त 2015 के बाद से हरभजन सिंह की भारतीय टीम में वापसी नहीं हो पाई है और अब उनकी वापसी मुमकिन भी नजर नहीं आती।