चालबाज चीन को ठेंगा, दलाईलामा पहुंचे तवांग मठ



तवांग (7 अप्रैल): चालबाज चीन की नाराजगी को नजरअंदाज करते हुए तिब्बती धर्मगुरु दलाईलामा अरूणाचल प्रदेश के तवांग मठ पहुंच गए हैं। तवांग मठ पहुंचने पर यहां के बौद्ध भिक्षुओं समेत तमाम लोगों ने उनका बेहद ही गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। दलाई लामा का तवांग मठ में ठहरने का भी प्रोग्राम है। यह मठ भारत का सबसे बड़ा और दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बौद्ध मठ है। दुनिया का सबसे बड़ा बौद्ध मठ तिब्बत का पोटला पैलेस है। बर्फ से घिरे पहाड़ों तथा 10,000 फुट की ऊंचाई पर स्थित तवांग में मोनपा लोग रहते हैं, जो तिब्बती बौद्ध धर्म के अनुयायी हैं।

दलाई लामा की एक झलक पाने के लिए यहां लद्दाख और पड़ोसी देश भूटान से हजारों की तादाद में लोग पहुंच चुके हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू तिब्बती धर्मगुरु के साथ हैं।

आपको बता दें कि दलाई लामा का 8 साल बाद अरुणाचल प्रदेश का दौरा कर रहे हैं। दलाई लामा ने 1983 में यहां का पहला दौरा किया था और अंतिम बार 2009 में यहां का दौरा किया था। दलाई लामा 1959 से ही भारत में निर्वासित जीवन जी रहे हैं। चीन ने दलाईलामा के अरुणाचल प्रदेश दौरे का विरोध किया है। वह अरुणाचल को अपना हिस्सा मानता है।