चीन के राजनेता मुझे अशांति फैलाने वाला समझते हैं: दलाई लामा


नई दिल्ली ( 21 मार्च ): दलाई लामा के बौद्ध सम्मेलन में भाग लेने और अरुणाचाल प्रदेश के दौरे को लेकर चीन ने भारत के सामने कड़ी आपत्ति जताई है और चेतावनी दी है।


चीन के इस रवैये पर दलाई लामा ने कहा कि वह प्रेम बांट रहे हैं। भाईचारे का संदेश दे रहे हैं। लोग एक-दूसरे का दर्द समझें, इसके लिए करुणा का पाठ पढ़ाते हैं। अगर इन सबसे चीन को खतरा है तो मैं क्या कर सकता हूं। अरुणाचल प्रदेश में सद्भावना का संदेश लेकर जाऊंगा। अगर चीन को डर लग रहा है तो अपने अधिकारी साथ में भेज दे। वह भी देख लेंगे कि मैं लोगों को क्या पढ़ा रहा हूं।


दलाई लामा ने कहा कि दुर्भाग्यवश चीनी कट्टरपंथियों ने उनको परेशानी (अशांति फैलाने ) करने वाला मान लिया है। उन्होंने कहा कि सामान्य चीनी मेरे प्रति बहुत सकारात्मक विचार रखता है।


दलाई लामा ने कहा कि जब भी मैं चीनी बुद्धिस्ट से मिलता हूं तो वे खुश होते हैं। उन्होंने कहा कि चीन में सत्तावादी सरकार है। उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले प्रत्येक सप्ताह चीन के लोग मुझे देखने आते थे और वे अक्सर मुझसे कहते कि उन्हें मत भूलना। मैं चीन जाने के लिए तैयार हूं। लेकिन इस समय यह कठिन है।