हिन्दी-चीनी भाई भाई ही विवाद हल करने का जरिया: डोकलाम गतिरोध पर बोले दलाई लामा

नई दिल्ली(9 अगस्त): तिब्बतियों के आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा ने बुधवार को कहा कि हिन्दी-चीनी भाई भाई का मैसेज ही इन दो बड़े देशों के बीच विवाद हल करने का जरिया है, सिर्फ इसी तरह आप पड़ोसी रह सकते हैं।

-  बता दें कि सिक्किम सेक्टर में भूटान ट्राइजंक्शन के पास चीन एक सड़क बनाना चाहता है और भारत इसका विरोध कर रहा है। करीब 2 महीने से इस इलाके में भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने हैं। 

- चीन ने भारत से कहा है कि वह इलाके से अपने सैनिकों को तुरंत वापस बुलाए, लेकिन भारत ने इससे इनकार कर दिया है। 

- दलाई लामा ने कहा, "डोकलाम विवाद कोई सीरियस मुद्दा नहीं है, पर दोनों देशों को एक दूसरे के पड़ोस में ही रहना है, अगर इस मुद्दे पर गलत प्रोपेगैंडा चलाया जाता है तो बात बिगड़ सकती है। चीनी लोगों की इच्छा के मुताबिक कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना हमारे लोकतंत्र का अनुसरण कर सकती है। हमारी छोटी तिब्बत कम्युनिटी पूरी तरह से लोकतंत्र में यकीन करती है और मैं भी लोकतंत्र का प्रशंसक हूं।"

- दिल्ली में एक प्रोग्राम में दलाई लामा ने कहा, "किसी भी देश के लोग ही उसके असली शासक होते हैं और एक आजाद मीडिया ही लोगों को सच्चाई बता सकता है, उन्हें शिक्षित कर सकता है। जिस देश में आजादी है, वहां हम ज्यादा योगदान दे सकते हैं क्योंकि वहां ज्यादा मौके मिलते हैं, जहां आजादी नहीं है, वहां मैं जाना पसंद नहीं करूंगा।"

- बता दें कि दलाई 1959 के विद्रोह के दौरान तिब्बत से निकल भागे थे और तब से भारत में ही रह रहे हैं। इनका जन्म तिब्बत में हुआ था, जिस पर चीन अपना दावा करता है। चीन सरकार दलाई को अपना दुश्मन मानती है।